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Nepal Politics: नेपाल की संसद में पुष्प कमल दहल ने हासिल किया ‘प्रचंड’ बहुमत, सिर्फ 2 सांसदों ने विरोध में की वोटिंग

Nepal Politics: मंगलवार के सत्र में संसद के 270 सदस्य उपस्थित थे. केवल राष्ट्रीय जनमोर्चा और नेपाल वर्कर्स एंड पीजेंट्स पार्टी, जिनके एक-एक सदस्य थे, उन्होंने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया.

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नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड'

Nepal Politics: नेपाल के नए प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने मंगलवार को 275 सदस्यीय संसद में 268 मत प्राप्त कर विश्वास मत हासिल कर लिया. नेपाल की संसद के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री को विभिन्न राजनीतिक दलों से इतना भारी समर्थन मिला है. विश्वास मत पर वोटिंग के दौरान केवल दो सांसदों ने प्रचंड के खिलाफ वोट किया. सदन में फिलहाल 12 पार्टियां हैं, जिनमें से 10 ने प्रचंड का समर्थन किया.

सदन में सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने अब प्रचंड को समर्थन दिया है. प्रचंड ने कहा, “विपक्षी दलों के समर्थन से मुझे अभूतपूर्व समर्थन मिला है। मैं इसे एक बड़े अवसर के रूप में देखता हूं.” मंगलवार दोपहर विश्वास मत हासिल करने के उनके प्रस्ताव के खिलाफ केवल दो वोट पड़े. इससे पहले प्रधानमंत्री पद की दावेदारी करते समय प्रचंड को केवल 168 सदस्यों का समर्थन प्राप्त था.

नेपाली कांग्रेस ने किया समर्थन

यहां तक कि नेपाली कांग्रेस (संसद में सबसे बड़ी पार्टी जिसे विपक्ष में बैठने का ऐलान किया गया था) ने भी प्रचंड का समर्थन किया. मंगलवार के सत्र में संसद के 270 सदस्य उपस्थित थे. केवल राष्ट्रीय जनमोर्चा और नेपाल वर्कर्स एंड पीजेंट्स पार्टी, जिनके एक-एक सदस्य थे, उन्होंने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया.

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नेपाली कांग्रेस, जो पार्टी नवंबर में हुए चुनावों में सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरी थी और वह पार्टी जिसने पहले माओवादी अध्यक्ष प्रचंड के साथ सत्ता साझा करने से इनकार किया था, उसने मंगलवार को शक्ति परीक्षण के दौरान प्रचंड के पक्ष में मतदान करने का फैसला किया.

नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल और सीपीएन-माओवादी केंद्र के अलावा, प्रचंड ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी, सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट), जनमत पार्टी, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी, नागरिक उन्मुक्ति पार्टी और संसद के कुछ स्वतंत्र सदस्यों से समर्थन हासिल किया है. राष्ट्रीय जनमोर्चा और नेपाल वर्कर्स एंड पीजेंट्स पार्टी विपक्ष में बैठेगी. प्रचंड के पक्ष में मतदान करने के नेपाली कांग्रेस के फैसले के साथ, संसद में अब कोई प्रभावी विपक्ष नहीं है.

-भारत एक्सप्रेस



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