न्यूयॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने दुनिया को दिखा दिया कि डोनाल्ड ट्रंप की ‘दादागिरी’ सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है. दुनिया में शायद ही कोई और ऐसा शख्स होगा, जिसकी वजह से फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को भी बीच सड़क पर रुकना पड़े. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के कारण उन्हें सड़क पर रुकना पड़ा. इतना ही नहीं पुलिस ने उन्हें एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाने दिया. इमैनुएल मैक्रों अपनी कार से जा रहे थे, तो ट्रंप के काफिले को रास्ता देने के लिए अमेरिकी पुलिस ने उनकी गाड़ी रोक दी.
इमैनुएल मैक्रों के साथ यह घटना संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई, जिसमें लगभग 200 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. इस महासभा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है, जिनमें शांति और सुरक्षा से लेकर विकास और मानवाधिकार तक शामिल हैं.
पुलिस ने सड़क पर रोका
यह घटना उस समय हुई जब इमैनुएल मैक्रों संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना भाषण देने के बाद फ्रांसीसी दूतावास की ओर जा रहे थे. जब मैक्रों की गाड़ी को रोका गया, तो उन्होंने ट्रंप को फोन किया और कहा, “अरे, मैं सड़क पर इंतजार कर रहा हूं क्योंकि आपके लिए सब कुछ बंद है.” दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की.
🇫🇷🇺🇸 Macron’s motorcade blocked for Trump in NYC
He even phoned Trump, but ended up walking pic.twitter.com/sxItD6wQWx
— Sputnik India (@Sputnik_India) September 23, 2025
ट्रंप को लगा दिया फोन
घटना के बाद मैक्रों को खुद ट्रंप को फोन करके अपनी व्यथा सुनानी पड़ी, जो इस बात का सबूत है कि ट्रंप के सामने सभी बराबर हैं, या शायद सभी कमतर हैं. फोन पर दोनों नेताओं के बीच हंसी-मजाक भरी बातचीत हुई. इसी का वीडियो पर वायरल हो रहा है.
इमैनुएल मैक्रों से पुलिस ने मांगी माफी
बाद में सड़क खुल गई और मैक्रों अपने रास्ते पर आगे बढ़ गए. इस दौरान उन्होंने कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और उनके साथ बातचीत की. न्यूयॉर्क पुलिस ने बाद में मैक्रों से माफी भी मांगी क्योंकि उन्हें फ्रांसीसी दूतावास जाने से रोका गया था.
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सूक्ष्म राजनीतिक संदेश
यह घटना सिर्फ एक ट्रैफिक जाम का मामला नहीं है, बल्कि यह एक सूक्ष्म राजनीतिक संदेश भी देती है. जहां एक तरफ फ्रांस जैसे देश के राष्ट्राध्यक्ष को भी सुरक्षा प्रोटोकॉल के आगे झुकना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ यह अमेरिका के उस ‘पहले मैं’ वाले रवैये को भी दर्शाता है. ट्रंप और मैक्रों की यह हंसी-मजाक वाली बातचीत भले ही वीडियो में अच्छी लगे, लेकिन यह दिखाती है कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी ट्रंप अपने नियमों के हिसाब से ही खेलते हैं, भले ही इसके लिए किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को ही क्यों न रुकना पड़े.
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