उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की बहन, किम यो-जोंग ने मंगलवार को दक्षिण कोरिया में हाल ही में पहुंचे अमेरिकी विमानवाहक पोत की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने और उसे धमकाने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा करार दिया.
यूएसएस कार्ल विंसन की दक्षिण कोरिया में तैनाती
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, निमित्ज़ श्रेणी का अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस कार्ल विंसन रविवार को दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी शहर बुसान में स्थित एक प्रमुख नौसैनिक अड्डे पर पहुंचा. इस तैनाती को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का संकेत माना जा रहा है.
उत्तर कोरिया की सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने किम यो-जोंग के हवाले से कहा कि अमेरिका लगातार कोरियाई प्रायद्वीप में अपनी सामरिक संपत्तियां तैनात कर रहा है. उन्होंने इस कदम को वाशिंगटन की “सबसे शत्रुतापूर्ण और टकरावपूर्ण” नीति का हिस्सा बताया.
अमेरिका पर उत्तर कोरिया को दबाने का आरोप
किम यो-जोंग ने अपने बयान में उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (DPRK) का प्रयोग करते हुए कहा,
“क्षेत्रीय सैन्य स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाती है कि अमेरिका और उसके सहयोगी डीपीआरके को हथियारों के बल पर धमकाने, दबाव बनाने और उसे कमजोर करने की खतरनाक योजना को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं.”
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की शत्रुतापूर्ण नीतियां उत्तर कोरिया को अपनी परमाणु निवारक क्षमता को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने का औचित्य प्रदान करती हैं.
उत्तर कोरिया की चेतावनी
अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए, किम यो-जोंग ने चेतावनी दी कि यदि वाशिंगटन अपनी सैन्य गतिविधियों को जारी रखता है, तो उत्तर कोरिया अपने रणनीतिक निवारक शक्ति का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होगा.
उन्होंने आगे कहा,
“डीपीआरके दुश्मन की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली रणनीतिक कार्रवाई बढ़ाने के विकल्पों पर सावधानीपूर्वक विचार कर रहा है.”
दक्षिण कोरिया का जवाब
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने किम यो-जोंग के बयान को मित्र देशों के रक्षात्मक अभ्यासों के खिलाफ एक सामान्य धमकी करार दिया.
मंत्रालय के अधिकारी ने कहा,
“उत्तर कोरिया हमेशा की तरह लापरवाही से दोष को विरोधी पक्ष पर डाल रहा है.”
तनाव बढ़ने की आशंका
अमेरिकी विमानवाहक पोत की तैनाती के बाद उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया भविष्य में अपनी सैन्य गतिविधियों में वृद्धि कर सकता है, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिरता बनाए रखना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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