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DG ISPR Pakistan: जिसके अब्बा ने लादेन को दिया न्यूक्लियर नुस्खा, उस खूंखार आतंकी की औलाद है PAK सेना का ये बड़ा अफसर

DG ISPR Pakistan: पाकिस्तानी सेना के DG ISPR मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी के पिता डॉ. सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद का ताल्लुक तालिबान और अल-कायदा से रहा है. वह वैश्विक आतंकी घोषित किया जा चुका है.

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Vijay Ram Edited by Vijay Ram

DG ISPR Pakistan: भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा तनाव इन दिनों चरम पर है. इसी दौरान पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के प्रमुख मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी को लेकर एक सनसनीखेज जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमद शरीफ के पिता सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद वही व्यक्ति हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर रखा है.

बताया जा रहा है कि सुल्तान बशीरुद्दीन का ताल्लुक न सिर्फ तालिबान से रहा है, बल्कि उन्होंने ओसामा बिन लादेन को जैविक, रासायनिक और परमाणु हथियारों से जुड़ी अहम जानकारी भी मुहैया करवाई थी. हैरानी की बात ये है कि जिस व्यक्ति का पारिवारिक रिश्ता आतंकवाद से जुड़े नामों से रहा है, आज वही पाकिस्तान की सेना की तरफ से भारत पर आतंकियों को सहयोग देने का आरोप लगा रहा है.

भारत-पाकिस्तान के बीच पहले ही तनावपूर्ण हालात हैं, और ऐसे वक्त में DG ISPR का यह बयान और उनका पारिवारिक इतिहास कई सवाल खड़े करता है, जिस कुर्सी पर बैठकर वो बयान दे रहे हैं. उसका भरोसा तब और कम हो जाता है जब सामने आता है कि उनके पिता खुद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद से जुड़े रहे हैं.

कौन हैं अहमद शरीफ चौधरी?

अहमद शरीफ इस समय पाकिस्तान की सेना की मीडिया शाखा ISPR के प्रमुख हैं. वे 6 दिसंबर 2022 को इस पद पर नियुक्त किए गए थे. वह इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग (EME) कोर से हैं और ISPR की कमान संभालने वाले पहले अफसर हैं जो इस कोर से आते हैं.

ISPR की जिम्मेदारी संभालने से पहले, अहमद शरीफ पाकिस्तान के डिफेंस साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑर्गनाइजेशन (DESTO) में भी डायरेक्टर जनरल रह चुके हैं — यह वही संस्था है जिस पर अमेरिका कई बार तकनीकी पाबंदियां लगा चुका है.

एक आतंकी वैज्ञानिक का बेटा

अहमद शरीफ के पिता डॉ. सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद पाकिस्तान के जाने-माने न्यूक्लियर साइंटिस्ट रह चुके हैं. उन्हें ‘सितारा-ए-इम्तियाज़’ जैसे बड़े सम्मान से नवाज़ा गया था. लेकिन उनकी पहचान केवल एक वैज्ञानिक के तौर पर नहीं रही.

उन्होंने 1999 में Ummah Tameer-e-Nau (UTN) नाम का संगठन शुरू किया, जिसका दावा था कि यह मुस्लिम समाज की भलाई के लिए काम करता है. लेकिन असल में यह संगठन तालिबान और अल-कायदा को तकनीकी मदद और फंडिंग देने में शामिल था. 2001 में सुल्तान बशीर को गिरफ्तार किया गया था, जब यह सामने आया कि उन्होंने ओसामा बिन लादेन से मुलाकात की थी और उसे परमाणु हथियारों व जैविक हथियारों की जानकारी दी थी.

संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और ब्रिटेन — सभी ने उन्हें वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है. अमेरिका के ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ ने उन्हें विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी की सूची में डाला.

विज्ञान से जिहाद तक का सफर

डॉ. बशीर का जीवन एक होनहार वैज्ञानिक से कट्टर विचारधारा के समर्थक में बदल गया. उन्होंने एक बार दावा किया था कि “जिन्न” प्लाज्मा ऊर्जा से बने होते हैं और उनसे बिजली पैदा की जा सकती है. उनकी किताब Mechanics of the Doomsday and Life after Death में यह अजीबोगरीब सिद्धांत दर्ज है. एक अमेरिकी खुफिया अधिकारी ने एक बार उनके बारे में कहा था, “उन्हें अच्छी तरह पता था कि वो क्या कर रहे हैं… और वो पूरी तरह पागल थे.”

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-भारत एक्सप्रेस 



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