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पाकिस्तान बना ‘डेथ जोन’! खैबर पख्तूनख्वा में नहीं थम रहा कत्लेआम; आसिम मुनीर की नाक के नीचे कौन बिछा रहा है लाशें?

Pakistan के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मारवत जिले में विस्फोटकों से लदे रिक्शे में धमाके से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई. 23 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं, जबकि लगातार आतंकी हमलों ने Asim Munir और Shehbaz Sharif की सुरक्षा रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं…

Pakistan Khyber Pakhtunkhwa Blast: पाकिस्तान का उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा एक बार फिर बम धमाकों से दहल उठा है. दरअसल आज लक्की मारवत जिले के एक व्यस्त बाजार में विस्फोटक से लदे रिक्शे में हुए धमाके ने कम से कम 9 लोगों की जान ले ली, जबकि 23 से ज्यादा लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं.

बता दें कि आर्मी चीफ आसिम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ के ‘दावों’ के बीच आतंकियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान के भीतर सरकार नहीं बल्कि बारूद का राज चल रहा है.

लक्की मारवत: बाजार में बिछीं लाशें(Pakistan Khyber Pakhtunkhwa Blast)

पुलिस के मुताबिक, धमाका उस वक्त हुआ जब बाजार में लोगों की भारी भीड़ थी. धमाका इतना जोरदार था कि दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों समेत 9 लोगों के चिथड़े उड़ गए. घायलों को नौरंग अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां कई की हालत नाजुक है. वहीं बम निरोधक दस्ते को आशंका है कि यह हमला सुरक्षा बलों को चुनौती देने और आम जनता में खौफ पैदा करने के लिए किया गया है. पाकिस्तान में अब हालात ऐसे हैं कि न बाजार सुरक्षित हैं और न ही पुलिस चौकियां.

बन्नू की वो काली रात: 15 पुलिसकर्मियों की शहादत

बताते चलें अभी दो दिन पहले ही बन्नू जिले की फतेह खेल पुलिस चौकी पर हुए कार बम धमाके ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया था. उस फिदायीन हमले में 15 पुलिसकर्मी मारे गए थे. ‘फिटना-अल-ख्वारिज’ से जुड़े आतंकियों ने जिस तरह से पुलिस पोस्ट को निशाना बनाया, उसने पाकिस्तानी सेना की खुफिया विफलता को बेनकाब कर दिया है. लक्की मारवत का ताजा हमला बन्नू की उसी आग की अगली कड़ी है, जो अब पूरे खैबर पख्तूनख्वा को अपनी चपेट में ले रही है.

‘तालिबान’ पर दोष मढ़ने की मजबूरी

लगातार होते हमलों(Pakistan Blast News) के बाद पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अफगान चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. पाकिस्तान का दावा है कि बन्नू हमले की साजिश अफगानिस्तान की धरती पर रची गई थी. मुनीर सरकार का कहना है कि उनके पास इसके ‘तकनीकी सबूत’ हैं.

लेकिन सच तो यह है कि दशकों तक जिस सांप को पाकिस्तान ने अपने पड़ोसियों के लिए पाला था, अब वही ‘तालिबानी’ सोच पाकिस्तान को ही डस रही है. अफगानिस्तान को ‘जवाबी कार्रवाई’ की धमकी देना अब पाकिस्तान की पुरानी और घिसी-पिटी रणनीति बन चुकी है.

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मुनीर के सामने ‘अस्तित्व’ का संकट(Pakistan Blast News)

जनरल आसिम मुनीर के लिए यह हमला सिर्फ एक सुरक्षा चूक नहीं बल्कि उनके नेतृत्व को सीधी चुनौती है. एक तरफ देश आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. टीटीपी (TTP) और अन्य गुटों ने पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र में इतनी गहरी पैठ बना ली है कि अब बख्तरबंद गाड़ियां और पुलिस चौकियां भी सुरक्षित नहीं हैं. सुलगता पाकिस्तान अब उस आग में खुद जल रहा है, जिसे उसने खुद सुलगाया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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