Bharat Express DD Free Dish

सुप्रीम कोर्ट से इमरान खान को एक साथ 8 मामलों में मिली जमानत, जानें अचानक कोर्ट में ऐसा क्या हुआ?

Imran Khan Bail: पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को एक साथ 8 मामलों में जमानत दी. यह फैसला उनके लिए राहत है, लेकिन भ्रष्टाचार मामले में सजा के चलते उनकी जेल से रिहाई अभी भी मुश्किल बनी हुई है.

इमरान खान को 3 साल की सजा

Imran Khan Bail: पाकिस्तान (Pakistan) की राजनीति में बड़ा मोड़ आया, जब देश की सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार (21 अगस्त 2025) को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को एक साथ आठ मामलों में जमानत दे दी. 72 वर्षीय इमरान खान बीते दो साल से जेल में बंद हैं और भ्रष्टाचार से लेकर आतंकवाद तक के कई मामलों का सामना कर रहे हैं. अदालत का यह फैसला उनके लिए राहत भरा जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे जेल से बाहर आ पाएंगे.

चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने यह अहम फैसला सुनाया. अदालत ने लाहौर हाईकोर्ट के उस आदेश को पलट दिया जिसमें इमरान की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इमरान खान (Imran Khan) के खिलाफ पहले से ही मुकदमे चल रहे हैं, ऐसे में जमानत देने से जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कोर्ट का कहना था कि इमरान के पास ‘छिपाने के लिए कुछ नहीं है’ और उन्हें जमानत मिलनी चाहिए. हालांकि अदालत ने यह भी शर्त रखी कि अगर इमरान खान किसी अन्य मामले में वांछित हैं, तो उन्हें रिहाई का कोई फायदा नहीं मिलेगा. यही वजह है कि फिलहाल उनकी रिहाई पर असमंजस बरकरार है, क्योंकि वे भ्रष्टाचार के एक मामले में पहले ही दोषी ठहराए जा चुके हैं.

सुनवाई के दौरान जब सरकारी वकीलों ने इमरान की जमानत का विरोध किया तो सुप्रीम कोर्ट ने उन पर सख्त टिप्पणी की. चीफ जस्टिस अफरीदी ने कहा कि अदालत मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे चल रहे मुकदमों पर असर पड़ सकता है. लेकिन इतना साफ है कि इमरान अब जमानत के हकदार हैं.

किन मामले में मिली जमानत?

यह जमानत इमरान खान को 9 मई 2023 की घटनाओं से जुड़े मामलों में मिली है. दरअसल, उस दिन इमरान को एक भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे. प्रदर्शनकारियों ने कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिनमें रावलपिंडी का आर्मी हेडक्वार्टर भी शामिल था. इस हिंसा के बाद Imran Khan और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के शीर्ष नेताओं के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए.

सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद इमरान खान की राह आसान नहीं है. वे अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और भ्रष्टाचार के एक मामले में सजा काट रहे हैं. यही कारण है कि फिलहाल उनकी जेल से रिहाई संभव नहीं लग रही.

क्या आर्मी चीफ आसिम मुनीर का हाथ?

Imran Khan लगातार कहते आए हैं कि उन पर लगाए गए सभी आरोप राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं.  उनकी पार्टी और समर्थक भी दावा करते हैं कि इन मुकदमों के पीछे सेना और उनके राजनीतिक विरोधी खासकर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर का हाथ है. इसे वे ‘लंदन प्लान’ बताते हैं, जिसके जरिए इमरान खान को राजनीति से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है.

भले ही सुप्रीम कोर्ट से उन्हें बड़ी राहत मिली हो, लेकिन इमरान खान (Imran Khan Bail) की कानूनी लड़ाई अभी लंबी है. दर्जनों मामले उनके खिलाफ अलग-अलग अदालतों में चल रहे हैं और जब तक वे सभी मुकदमों में बरी नहीं होते, उनकी जेल से रिहाई आसान नहीं होगी.

ये भी पढ़ें: दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के सुरक्षा घेरे में बदलाव, मिलेगा जेड श्रेणी का सीआरपीएफ सिक्योरिटी कवर

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read