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PM मोदी का ओमान में भव्य स्वागत; बोले- ‘दिवाली अब पूरी दुनिया को रोशन करेगी’, भारत-ओमान रिश्तों के बताए नए मायने

मस्कट में ‘मैत्री पर्व’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को ‘मिनी इंडिया’ बताया. उन्होंने कहा कि दिवाली को यूनेस्को से मिली पहचान हर भारतीय के लिए गर्व की बात है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (गुरुवार) को मस्कट में आयोजित ‘मैत्री पर्व’ के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित किया. इस दौरान पूरा माहौल ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूंज उठा. पीएम मोदी ने कहा कि ओमान में रहने वाला भारतीय समुदाय सह-अस्तित्व और सहयोग की एक जीती-जागती मिसाल है. उन्होंने इस सभा को ‘मिनी इंडिया’ बताते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति और विविधता को दर्शाता है.

रिश्तों के पांच स्तंभ प्रधानमंत्री ने ‘मैत्री’ शब्द की एक विशेष व्याख्या की. उन्होंने बताया कि भारत और ओमान के रिश्तों के पीछे पांच बड़े आधार हैं: समुद्री विरासत (Maritime), आकांक्षाएं (Aspirations), नवाचार और तकनीक (Innovation & Technology), विश्वास और सम्मान (Trust & Respect) और समावेशी विकास (Inclusive Growth). उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि दोनों देशों के साझा इतिहास और सुनहरे भविष्य का जश्न है.

दिवाली को मिली वैश्विक पहचान

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यूनेस्को (UNESCO) द्वारा दिवाली को ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ की सूची में शामिल करने का जिक्र किया. उन्होंने इसे दुनिया भर के भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बताया. प्रधानमंत्री ने कहा, “अब दिवाली का दीया सिर्फ हमारे घरों को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी रोशनी से जगमग करेगा.” उन्होंने इसे मानवता और सद्भाव का संदेश बताया.

सदियों पुराना समुद्री नाता

पीएम मोदी ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बताया कि भारत और ओमान का रिश्ता सदियों पुराना है. लोथल और मांडवी जैसे भारतीय बंदरगाहों से व्यापारी लकड़ी की नावों में बैठकर मस्कट और सालालाह आते थे. उन्होंने भारतीय दूतावास द्वारा तैयार की गई एक किताब का भी जिक्र किया जो इन ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस इतिहास को नई पीढ़ी और अपने ओमानी दोस्तों के साथ साझा करें.

शिक्षा और सुल्तान का आभार

प्रधानमंत्री ने बताया कि ओमान में भारतीय शिक्षा प्रणाली के 50 साल पूरे हो गए हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है. आज ओमान के भारतीय स्कूलों में करीब 46,000 छात्र पढ़ रहे हैं. उन्होंने दिवंगत सुल्तान कबूस बिन सैद को याद करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया कि उन्होंने भारतीय स्कूलों के लिए जमीन और संसाधन दिए. साथ ही, वर्तमान सुल्तान हैथम बिन तारिक का भी आभार जताया कि वे इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और भारतीय समुदाय का ख्याल रख रहे हैं.

हर क्षेत्र में बढ़ेगी ताकत

अपनी यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी. यह दौरा भारत और ओमान की रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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