प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 अप्रैल 2025 को श्रीलंका यात्रा ने भारत-श्रीलंका संबंधों को एक नई दिशा दी. यह यात्रा श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा डिसानायके के आमंत्रण पर हुई, जो प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका की 2015 से अब तक की चौथी यात्रा रही. राष्ट्रपति बनने के बाद डिसानायके ने भी सबसे पहले भारत का दौरा किया था.
राष्ट्रपति के कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ‘सदियों पुरानी मित्रता और समृद्ध भविष्य के संकल्प’ की भावना को और सशक्त बनाती है.
रणनीतिक साझेदारी और सहयोग के नए समझौते
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डिसानायके के बीच रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. यह यात्रा श्रीलंका को भारत की ‘पड़ोसी प्रथम नीति (Neighbourhood First Policy)’ और ‘महा सागर विज़न (MAHASAGAR Vision)’ के अंतर्गत एक रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करती है.
राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के आर्थिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूत करने वाली है और परस्पर विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी.
बौद्ध धरोहर को सम्मान: जया श्री महा बोधि मंदिर की भव्य यात्रा
श्रीलंका रवाना होने से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने अनुराधापुर में स्थित जया श्री महा बोधि मंदिर का दर्शन किया. यह वही पवित्र बोधि वृक्ष है जो मौर्य सम्राट अशोक की पुत्री संगमित्त थेरी द्वारा भारत से लाया गया था.
यहाँ प्रधानमंत्री मोदी ने महान आठ बौद्ध स्थलों (अटमस्थाना) के प्रमुख भिक्षु पललेगामा हेमारत्न नायक थेरो से भेंट की. उन्होंने बताया कि गुजरात में 1960 के दशक में बुद्ध से संबंधित अवशेष मिले थे और उन्होंने राष्ट्रपति से इस विषय में चर्चा कर श्रीलंका में उनके प्रदर्शन की संभावना जताई.
साथ ही, बोधगया को एक आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित करने की मांग पर प्रधानमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए इसे वास्तविकता में बदलने का आश्वासन दिया. मुख्य भिक्षु ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा जिसमें बोधगया मंदिर के प्रशासन में बौद्ध नियंत्रण की मांग की गई, जिसे लेकर प्रधानमंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया.
भारत-श्रीलंका रेलवे कनेक्टिविटी को नई मजबूती
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डिसानायके ने संयुक्त रूप से महों से ओमानथाई तक अपग्रेड की गई रेलवे लाइन और अनुराधापुर रेलवे स्टेशन पर उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली का उद्घाटन किया.
यह परियोजना $91.27 मिलियन डॉलर की भारतीय क्रेडिट लाइन से वित्तपोषित है, वहीं सिग्नलिंग सिस्टम को $14.89 मिलियन डॉलर की भारतीय मदद से तैयार किया गया है. यह पहल भारत और श्रीलंका के बीच भौतिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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