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5 देशों के महा-दौरे के पहले पड़ाव पर UAE पहुंचे पीएम मोदी, अबू धाबी में मिला ‘गार्ड ऑफ ऑनर’! जानें क्यों है खास

PM Modi को अबू धाबी पहुंचने पर UAE में भव्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिससे उनकी 5 देशों की रणनीतिक विदेश यात्रा की शुरुआत हुई. यह दौरा सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि व्यापार, AI, ऊर्जा और भारत की ग्लोबल पोजिशनिंग को नई ऊंचाई देने वाला ‘मिशन 2030’ माना जा रहा है…

PM Modi UAE Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को अपनी ऐतिहासिक 5 देशों की विदेश यात्रा का शंखनाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की धरती से कर दिया है. अबू धाबी पहुँचते ही पीएम मोदी का भव्य और शाही स्वागत किया गया, जहाँ उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ से नवाजा गया.

बता दें कि 15 मई से 20 मई तक चलने वाले इस महा-दौरे में पीएम मोदी खाड़ी देशों से लेकर यूरोप तक भारत का परचम लहराने वाले हैं. इस यात्रा का मुख्य मकसद भारत के व्यापार, तकनीक, ग्रीन एनर्जी और निवेश को एक नई वैश्विक ऊंचाई पर ले जाना है.

अबू धाबी में हुआ ‘शाही स्वागत'(PM Modi UAE Visit Guard of Honour)

विमान से उतरते ही पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए खुद यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान मौजूद रहे. दोनों नेताओं की गर्मजोशी से भरी मुलाकात ने एक बार फिर भारत-यूएई के मजबूत रिश्तों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया.

औपचारिक स्वागत के बाद पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया. दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), नए व्यापारिक समझौतों और मिडिल ईस्ट के ताजा हालातों पर बेहद अहम रणनीतिक चर्चा होने की उम्मीद है.

भारतीय कारोबारियों के लिए खुलेंगे नए रास्ते

व्यापारिक संगठनों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा (PM Modi UAE Visit Guard of Honour) भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए ‘गोल्डन चांस’ साबित होने वाला है. यूएई को मध्य पूर्व और अफ्रीका के बाजारों का प्रवेश द्वार (Gateway) माना जाता है. इस दौरे से भारत के इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल (दवाइयां), टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों को भारी निवेश और नए ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है, जिससे देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

यूएई के बाद यूरोप करेंगे फतह

यूएई के बाद पीएम मोदी सीधे नीदरलैंड के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे डच नेताओं और शाही परिवार से मुलाकात करेंगे. नीदरलैंड के साथ भारत की चर्चा का मुख्य केंद्र भविष्य की तकनीक जैसे-सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और जल प्रबंधन (Water Management) होगा. इसके बाद वे स्वीडन और नॉर्वे का रुख करेंगे, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन डेवलपमेंट और मजबूत ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर बड़े समझौते होने की उम्मीद है.

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इटली में मेलोनी से होगी मुलाकात

इस दौरे का एक और बड़ा आकर्षण नॉर्वे में होने वाला तीसरा इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन है, जहाँ पीएम मोदी डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के राष्ट्राध्यक्षों के साथ टेबल शेयर करेंगे. अपनी यात्रा के आखिरी चरण में पीएम मोदी इटली जाएंगे, जहाँ उनकी मुलाकात इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से होगी. रक्षा सहयोग और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) को लेकर मेलोनी और मोदी की यह बैठक बेहद खास रहने वाली है.

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-भारत एक्सप्रेस



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