राष्ट्रपति ट्रंप से जेसन मिलर ने की मुलाकात.
भारत और अमेरिका के बीच ट्रंप के टैरिफ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से राजनीतिक लॉबिस्ट जेसन मिलर (Jason Miller) की मुलाकात ने नए कयासों को जन्म दे दिया है. मिलर ने ट्रंप के साथ एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा, “वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की.”
बता दें कि ये वही लॉबिस्ट जेसन मिलर हैं, जिन्हें कुछ महीने पहले भारत सरकार ने अमेरिकी प्रशासन तक अपनी कूटनीतिक पहुंच मजबूत करने के लिए नियुक्त किया था.
जैसन मिलर ने शेयर की तस्वीर
जेसन मिलर (Jason Miller) ने व्हाइट हाउस में ट्रंस से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा, “वॉशिंगटन में शानदार सप्ताह बिताया. कई दोस्तों से मुलाकात हुई और हफ्ते का सबसे अहम पल था राष्ट्रपति को एक्शन में देखना.” फिलहाल इस मुलाकात में क्या बातें हुई हैं, इसका कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ये मीटिंग भारत-अमेरिका के बीच बढ़े तनाव को लेकर काफी अहम है.
Fantastic week in Washington with so many friends being in town, topped off of course by having the opportunity to stop in and see our President in-action!
Keep up the great work, @POTUS @realDonaldTrump! pic.twitter.com/G28hsKTUgd
— Jason Miller (@JasonMiller) September 6, 2025
ट्रंप के प्रवक्ता थे मिलर
मौजूदा हालात में भारत-अमेरिका के ट्रेड रिलेशन और टैरिफ चर्चा में बने हुए हैं, दोनों देशों की आर्थिक रणनीतियों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. जेसन मिलर ट्रंप के लंबे समय से करीबी रहे हैं. जब 2016 में ट्रंप चुनाव लड़े थे, तब मिलर चुनाव में उनके प्रमुख मीडिया प्रवक्ता थे. इतना ही नहीं, ट्रंप जब चुनाव जीतकर सत्ता में आए, तो मिलर को व्हाइट हाउस कम्युनिकेशन डायरेक्टर बनाया जाना था, लेकिन मिलर के निजी विवादों के चलते उन्हें इस पद को लेने से इनकार कर दिया था.
जेसन मिलर पर यौन उत्पीड़न और संबंधों से जुड़े विवादों के आरोप लगे थे. हालांकि इन आरोपों के बावजूद मिलर ट्रंप के राजनीतिक दायरे में हमेशा बने रहे, और 2020 और फिर 2024, दोनों चुनावों के दौरान ट्रंप के प्रमुख सलाहकार रहे. साल 2020 में उन्होंने SHW Partners LLC की स्थापना की और विदेशी लॉबिस्ट के रूप में रजिस्टर्ड हुए.
Jason Miller को भारत ने दिया था कॉन्ट्रैक्ट
सार्वजनिक दस्तावेजों के अनुसार, जेसन मिलर (Jason Miller) की कंपनी को भारत की मोदी सरकार ने इसी साल अप्रैल के महीने में एक साल के कॉन्टैक्ट पर उन्हें नियुक्त किया था. उन्हें इसके लिए भारत सरकार ने 1. 8 मिलियन (करीब 15 करोड़ रुपये) का भुगतान किया. मिलर का काम अमेरिकी सरकार, कांग्रेस, थिंक टैंक, शैक्षणिक संस्थानों और भारत के अन्य हितधारकों के साथ रणनीतिक परामर्श और सरकारी संबंधों में मदद करना शामिल है.
अभी जो हालात है, उसके नजरिए से जेसन मिलर की ट्रंप से मुलाकात और भारत सरकार का उन्हें लॉबिस्ट बनाना कूटनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है. हालांकि इस मुलाकात की असल वजह क्या थी, इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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