Vladimir Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दो दिवसीय भारत दौरे से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को एक नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस दौरे से व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और भारत के निर्यात को बढ़ावा देने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा. राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जो दोनों देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग के विस्तार का स्पष्ट संकेत है.
व्यापार घाटा कम करने पर जोर
भारत सरकार (GoI) के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है कि भारत रूस के साथ अपने व्यापार घाटे (Trade Deficit Reduction) को सुधारने की उम्मीद कर रहा है. इसके लिए, भारतीय निर्यात को रूस के बाजार में बढ़ाने के कई रास्ते तलाशे जा रहे हैं.
विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पाद और समुद्री उत्पादों के निर्यात में वृद्धि की योजना बनाई गई है. यह कदम भारतीय व्यवसायों और उत्पादों को एक बड़ा बाजार प्रदान करेगा. साथ ही, इससे देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और हमारे किसानों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी.
यह भी पढिए: दो दशक पुरानी है मोदी–पुतिन की दोस्ती, मुलाकात पर पूरे विश्व की निगाहें…रिश्तों में आएगी नई मजबूती
व्यापक समझौतों का एजेंडा
राष्ट्रपति पुतिन के इस दौरे में कई महत्वपूर्ण समझौतों और समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. द्विपक्षीय वार्ता (Bilateral Agreements) के एजेंडे में शिपिंग, स्वास्थ्य सेवा, उर्वरक और कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं.
इन आर्थिक क्षेत्रों के अलावा, पीपल-टू-पीपल (लोगों से लोगों के बीच) संबंधों को मजबूत करने पर भी सहमति बनने की उम्मीद है. इसमें गतिशीलता साझेदारी (मोबिलिटी पार्टनरशिप), संस्कृति और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
यह भी पढिए: रक्षा से लेकर स्पेस तक….भारत की ताकत बढ़ाने में रूस का अहम योगदान; जानें दोस्ती की दशको पुरानी कहानी
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



