फोटो: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ.
Rishi Sunak PM Modi meeting: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की और कई विषयों पर विस्तृत बातचीत की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना दोस्त बताया और कहा कि उनका भारत के लिए दृष्टिकोण हमेशा रोमांचक होता है. सुनक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस मुलाकात का जिक्र करते हुए पीएम मोदी की भारत के लिए दृष्टि को प्रेरणादायक बताया.
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि ऋषि सुनक भारत के महान मित्र हैं और उन्होंने भारत-यूके संबंधों को और मजबूत करने के लिए हमेशा तत्पर रहने का उल्लेख किया. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि सुनक का भारत के प्रति गहरा प्रेम और दोनों देशों के रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है.
Wonderful to catch up with my friend @narendramodi.
Thank you for so warmly welcoming my family, too!
Always exciting to hear your vision for India, and so important the UK-India relationship goes from strength to strength 🇬🇧🇮🇳 https://t.co/keS8Ko8ryK
— Rishi Sunak (@RishiSunak) February 19, 2025
ऋषि सुनक को अपनी भारतीय जड़ों पर गर्व
सुनक का जन्म इंग्लैंड के साउथैम्प्टन शहर में हुआ था और उनके परिवार की जड़ें पंजाब से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने हमेशा अपनी भारतीय जड़ों पर गर्व किया है. 2022 से 2024 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने वाले सुनक ने भारत के साथ आर्थिक, सुरक्षा और वैज्ञानिक क्षेत्रों में रिश्तों को और मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए. भारत और ब्रिटेन के बीच वित्त, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए.
भारत-यूके संबंधों को और किया जाएगा प्रगाढ़
पीएम मोदी ने जुलाई 2024 में ब्रिटेन में हुए चुनाव में ऋषि सुनक की हार के बाद उनकी सराहना करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने कार्यकाल में भारत-यूके संबंधों को मजबूत किया. सुनक ने भी मोदी सरकार की लगातार सफलता के लिए उन्हें बधाई दी थी और भारत-यूके के रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया था.
सुनक ने भारत को बताया आर्थिक महाशक्ति
वर्ष 2024 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहते हुए ऋषि सुनक ने भारत को एक ‘आर्थिक महाशक्ति’ के रूप में देखा और इस बात को स्वीकार किया कि भारत, इंडोनेशिया और नाइजीरिया जैसे तेजी से उभरते देशों का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा.
- भारत एक्सप्रेस
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