शशि थरूर, कांग्रेस सांसद
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के नेता और कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) रविवार को ब्राजील पहुंचे , जहां वह बैठकें करेंगे. थरूर ने कहा कि अब तक प्रतिनिधिमंडल को मिली प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है, खासकर तब जब भारत द्वारा निराशा व्यक्त किए जाने के बाद कोलंबिया सरकार ने पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौत पर शोक व्यक्त करने वाले अपने बयान को वापस ले लिया.
जबरदस्त समर्थन मिला अब तक- Shashi Tharoor
उन्होंने कहा, “खैर, हम पांच देशों की यात्रा पर हैं. हम पहले ही तीन देशों, गुयाना, पनामा और कोलंबिया की यात्रा कर चुके हैं . और अब हम ब्राजील में हैं. सुरक्षा परिषद के सदस्य गुयाना और पनामा दोनों देशों से प्रतिक्रिया बहुत सकारात्मक रही है , हमारे मिशन के प्रति जबरदस्त समझ और समर्थन मिला है तथा आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई है.”
कोलंबिया ने वापस लिया बयान
शशि थरूर ने कहा, ” कोलम्बिया में , दुर्भाग्यवश ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक बयान जारी किया गया था , जिसमें भारत के बारे में कुछ कहने के बजाय वास्तव में पाकिस्तानी पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई थी. इसलिए हमने उसमें सुधार किया, हमने सरकार से मुलाकात की और मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि उन्होंने उस बयान को वापस ले लिया है और इसके बजाय उन्होंने सरकार और संसद दोनों की ओर से बहुत सकारात्मक और सहायक बयान जारी किया है, जहां हमने लोकसभा अध्यक्ष और विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष, जिसे वे दूसरी समिति कहते हैं, दोनों से मुलाकात की. इसलिए कुल मिलाकर हमें कुछ बहुत अच्छे परिणाम मिले हैं.”
थरूर ने अपनी टीम के सभी सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “मेरी टीम हर चीज में पूरी तरह से भाग ले रही है. हम सभी इस उद्यम में समान भागीदार हैं.” थरूर ने कहा कि ब्राजील ब्रिक्स का हिस्सा होने के कारण सामरिक महत्व का एक महत्वपूर्ण देश है.”
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शशि थरूर ने कहा, “और यहां ब्राज़ील में , हम कुछ बहुत ही ठोस, रचनात्मक चर्चाओं की उम्मीद कर रहे हैं. ब्राज़ील इस क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति है. यह हमारा एक ब्रिक्स भागीदार है. हमने 2006 से ही अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया है. इसलिए यह एक ऐसा देश है जो हमारे लिए वास्तव में मायने रखता है. और हालांकि वे वर्तमान में सुरक्षा परिषद में नहीं हैं, लेकिन हमने महसूस किया कि उन्हें हमारी स्थिति से पूरी तरह अवगत रखना और संवाद चैनलों को खुला रखना बहुत महत्वपूर्ण है.”
-भारत एक्सप्रेस
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