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बैठक लंबी, नतीजा अधूरा: आखिर क्यों नहीं हो पाई अमेरिका और ईरान के बीच बात?

US Israel Iran conflict:: व्हाइट हाउस में ट्रंप और अधिकारियों की बैठक के बाद भी अमेरिका-ईरान वार्ता पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ.

US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में करीब दो घंटे तक ईरान को लेकर बैठक की. उम्मीद थी कि इस दौरान कोई बड़ा फैसला सामने आएगा, लेकिन बैठक खत्म होने के बाद भी किसी समझौते या युद्धविराम पर अंतिम घोषणा नहीं हुई. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप वही डील करेंगे जो अमेरिका के हित में होगी और तय शर्तों को पूरा करेगी. अधिकारी ने साफ किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी.

ट्रंप का सोशल मीडिया पर पोस्ट

बैठक से पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में बिछाई गई सी माइंस हटाएगा. इसके बाद अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करेगा और जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होगी. उन्होंने दावा किया कि ईरान के उच्च स्तर तक संवर्धित यूरेनियम को खोजकर नष्ट किया जाएगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ईरान को कोई आर्थिक रियायत नहीं दी जाएगी. यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया था जिनमें कहा गया था कि ईरान बातचीत आगे बढ़ाने से पहले 12 अरब डॉलर की जब्त संपत्तियां वापस चाहता है.

ईरान का जवाब

ईरान ने कहा कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान जारी है. उन्होंने कहा कि फिलहाल ईरान की प्राथमिकता युद्ध को खत्म करना है. बघाई ने यह भी कहा कि यूरेनियम संवर्धन और परमाणु कार्यक्रम पर कोई अंतिम चर्चा नहीं हो रही है. होर्मुज स्ट्रेट के बारे में उन्होंने कहा कि इसका भविष्य ईरान और ओमान तय करेंगे. मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अपनी ताकत से रियायत हासिल करता है, न कि अमेरिकी वादों पर भरोसा करके.

ये भी पढ़ें-सिचुएशन रूम पहुंचे ट्रंप, होर्मुज स्ट्रेट से नौसैनिक घेराबंदी खत्म करने का ऐलान

मतभेद के मुद्दे

अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन बंद करे और अपने पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम किसी अन्य देश को सौंप दे. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार ईरान के पास 60% तक संवर्धित 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है, जो हथियार-ग्रेड स्तर के करीब है. अमेरिका यह भी चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोला जाए और वहां बिछाई गई माइंस 30 दिनों में हटाई जाएं. दूसरी ओर ईरान अपनी विदेशों में फंसी 24 अरब डॉलर की संपत्तियां वापस चाहता है और यह गारंटी भी मांग रहा है कि अमेरिका भविष्य में किसी समझौते से पीछे नहीं हटेगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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