US Attacks Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर अभूतपूर्व और गुप्त हवाई हमला किया है.
इस सैन्य कार्रवाई को “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” नाम दिया गया. यह हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल एरिक कुरिल्ला के नेतृत्व में अंजाम दिया गया.
US के ईरान हमले पर बोले अमेरिकी रक्षा सचिव
संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया-
“यह एक सटीक और सुनियोजित हमला था, जिसका मकसद ईरान की परमाणु हथियार क्षमता को गंभीर रूप से क्षति पहुंचाना था. ऑपरेशन कई थिएटरों और डोमेन्स में एकसाथ चलाया गया और इसकी जानकारी बेहद सीमित लोगों को ही थी.”
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने प्रेस वार्ता में बताया-
“भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह इस कार्रवाई की शुरुआत हुई, जब एक अमेरिकी पनडुब्बी और सेंट्रल कमांड के दायरे से एक साथ दो दर्जन से अधिक टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलें इस्फहान स्थित सतह के ठिकानों पर दागी गईं. इसके तुरंत बाद अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया.”
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उन्नत तकनीक और भारी बमों से हुआ बड़ा हमला
अमेरिकी विमानों ने मिसडायरेक्शन और हाई-स्पीड डिकॉय जैसे उन्नत तकनीकों का प्रयोग किया. 4th और 5th जनरेशन एयरक्राफ्ट्स ने मिशन को सुरक्षा कवच प्रदान किया.
ऑपरेशन में US स्ट्रैटेजिक कमांड, साइबर कमांड, स्पेस फोर्स, ट्रांसपोर्टेशन कमांड और यूरोपियन कमांड की भी भागीदारी रही.
हेगसेथ ने यह भी खुलासा किया कि इस हमले में अमेरिका ने पहली बार ऑपरेशनल स्तर पर “Massive Ordnance Penetrator (MOP)” का इस्तेमाल किया.
साथ ही, B2 स्पिरिट बॉम्बर्स ने 2001 के बाद सबसे लंबी उड़ान भरते हुए फोर्डो और नतांज़ परमाणु केंद्रों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया.
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ का बयान
“यह सिर्फ अमेरिका की सैन्य ताकत का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि अमेरिका-इज़राइल साझेदारी की एक मिसाल भी थी. हमने महीनों की तैयारी के बाद यह रणनीति अपनाई. दुनिया को पता तक नहीं चला और हमारे B2 अंदर घुसे और बाहर आ गए.”
हेगसेथ ने दुनिया को स्पष्ट संदेश देते हुए उन्होंने कहा-
“जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, अमेरिका युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि हमारे नागरिकों, साझेदारों या हितों को खतरा हुआ, तो हम निर्णायक कार्रवाई करेंगे. ईरान को इस चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए.”
फिलहाल अमेरिका इस ऑपरेशन में हुए नुकसान का आकलन कर रहा है और ईरान की तरफ से किसी जवाबी हमले की खबर अब तक नहीं आई है.
-भारत एक्सप्रेस
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