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अमेरिका-ईरान डील की 14 बड़ी शर्तें: होर्मुज स्ट्रेट से परमाणु कार्यक्रम तक क्या-क्या हुआ तय?

14 Conditions of US Iran Agreement: अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक MoU की 14 शर्तें सामने आई हैं. समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य, परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक सहयोग जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं.

US Iran Deal 14 Conditions

14 Conditions of US Iran Agreement: मिडिल ईस्ट में चल रहे बम-धमाकों की आवाज पर स्थायी रूप से विराम लग गया है. बुधवार (17 जून) देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्सेलिस में डिनर के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में अमेरिका-ईरान समझौते की आधिकारिक हार्ड कॉपी पर हस्ताक्षर किए (US Iran deal). इसके बाद ईरान के मसूद पेजेश्कियान (Masoud Pezeshkian) ने समझौते की कॉपी के साथ एक तस्वीर जारी की, जो इस बात की पूरी तरह पुष्टि करती है कि 60 दिन के समझौते को दोनों नेताओं ने आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया है.

हालांकि, इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर ने इस पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए थे. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस समझौते के साथ दोनों देशों के बीच पिछले चार महीनों (110 दिन) से जारी तनाव और विवाद समाप्त हो गया है. आइए जानते हैं कि किन 14 शर्तों पर अमेरिका-ईरान के बीच डील हुई है.

अमेरिका-ईरान डील की 14 बड़ी शर्तें (US Iran Deal 14 Conditions)

1. अमेरिका और ईरान ने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से बंद करने पर सहमति जताई है. दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ कोई नया युद्ध या सैन्य अभियान शुरू नहीं करेंगे. साथ ही लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे.

2. दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करेंगे और किसी भी तरह से आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे.

3. दोनों पक्ष 60 दिनों के भीतर बातचीत के जरिए एक अंतिम समझौते तक पहुंचने का प्रयास करेंगे. जरूरत पड़ने पर इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है.

4. समझौते पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसे 30 दिनों में पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा. इसके साथ ईरान भी समुद्री व्यापार को धीरे-धीरे सामान्य करेगा.

5. अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अपनी सैन्य मौजूदगी कम करेगा. वहीं ईरान अगले 60 दिनों तक फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच आने-जाने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित और निशुल्क मार्ग देगा. होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध समुद्री यातायात के लिए ईरान और ओमान मिलकर व्यवस्था तय करेंगे.

6. अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगी ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए एक व्यापक योजना तैयार करेंगे. इसके लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की फंडिंग उपलब्ध कराने का वादा किया गया है.

7. अमेरिका ने ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाने की प्रतिबद्धता जताई है. इसमें संयुक्त राष्ट्र, आईएईए और अमेरिका के एकतरफा प्रतिबंध भी शामिल हैं.

 

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8. दोनों देश प्रतिबंध हटाने के मुद्दे पर तुरंत बातचीत शुरू करेंगे और आपसी सहमति तक पहुंचने के लिए प्रयास करेंगे.

9. ईरान ने भरोसा दिलाया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. उसके पास मौजूद संवर्धित परमाणु सामग्री के भविष्य को लेकर दोनों देश मिलकर एक व्यवस्था तय करेंगे.

10. यूरेनियम संवर्धन और ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु जरूरतों पर आगे चर्चा होगी. अंतिम समझौते तक ईरान अपने मौजूदा परमाणु कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करेगा, जबकि अमेरिका नए प्रतिबंध या अतिरिक्त सैन्य तैनाती नहीं करेगा.

11. प्रतिबंध हटने तक अमेरिका ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात के लिए जरूरी छूट देगा. बैंकिंग, बीमा और परिवहन जैसी सेवाओं को भी अनुमति मिलेगी.


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12. अमेरिका ईरान की फ्रीज या प्रतिबंधित संपत्तियों को जारी करने पर सहमत हुआ है. इसके लिए दोनों देश मिलकर प्रक्रिया तय करेंगे.

13. समझौते के क्रियान्वयन और भविष्य में उसके पालन की निगरानी के लिए एक संयुक्त कार्यकारी तंत्र (Executive Mechanism) बनाया जाएगा.

14. अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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