US Israel Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे महायुद्ध के 38वें दिन दुनिया एक बार फिर तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा अब चरम पर है और उन्होंने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए अपना फाइनल और सबसे खतरनाक अल्टीमेटम दे दिया है. इसी बीच, ईरान के अंदर घुसकर अमेरिकी सेना द्वारा अपने F-15 क्रू मेंबर को रेस्क्यू करने का ‘हाई-रिस्क ऑपरेशन’ और भारत के साथ ईरान की कूटनीतिक चर्चाओं ने इस वैश्विक संकट को एक नया आयाम दे दिया है.
ट्रंप का 24 घंटे का नया अल्टीमेटम (Donald Trump Ultimatum US Israel Iran War)
अमेरिका-ईरान जंग को करीब पांच हफ्ते हो चुके हैं और अब यह सबसे विध्वंसक मोड़ पर है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने मंगलवार रात 8 बजे तक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स और पुलों (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाएगा. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान मंगलवार से पहले ‘डील’ नहीं करता है, तो वे “ईरान में सब कुछ उड़ा देंगे.”
अमेरिका ने कब-कब दिए ईरान को अल्टीमेटम (US Israel Iran War Ultimatum)
- 21 मार्च: 48 घंटे का अल्टीमेटम
- 23 मार्च: 5 दिन के लिए हमले टाले
- 26 मार्च: 10 दिन के लिए रोके हमले
- 4 अप्रैल: 48 घंटे का अल्टीमेटम
- 5 अप्रैल: 24 घंटे का नया अल्टीमेटम (मंगलवार रात 8 बजे की डेडलाइन)
ईरान से सीजफायर प्रस्ताव खारिज (US Israel Iran War Ceasefire)
ट्रंप की इस खुली धमकी के बाद भी ईरान झुकने को तैयार नहीं है. ईरान ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा है कि वह ‘अमेरिका को उसी की तरह जवाब देगा.’ होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले अस्थाई सीजफायर के प्रस्ताव को भी ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है. जानकारों का मानना है कि अब अमेरिका के टारगेट पर ईरान का बुशहर एटमी प्लांट भी हो सकता है, जिससे पूरे मिडिल-ईस्ट में रेडिएशन का भारी खतरा पैदा हो सकता है.
अमेरिका का ऑपरेशन सफल
जंग के इस शोर के बीच अमेरिका ने एक बड़ी रणनीतिक और सैन्य सफलता हासिल की है. शुक्रवार को ईरान के ऊपर मार गिराए गए अमेरिकी F-15 फाइटर जेट के दूसरे क्रू मेंबर (वेपन सिस्टम्स ऑफिसर) को अमेरिकी सेना ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कड़े पहरे और दो दिनों के सर्च ऑपरेशन के बावजूद अमेरिकी टीम ने इस हाई-रिस्क ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इसे “अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसिक खोज और बचाव अभियानों में से एक” बताया. इस पूरे मिशन की विस्तृत जानकारी देने के लिए ट्रंप आज ओवल ऑफिस से सेना के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं.
ईरान के विदेश मंत्री ने किया भारत फोन
मिडिल-ईस्ट में बढ़ते इस घमासान के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मी तेज हो गई है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को फोन किया. भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया (West Asia) के मौजूदा तनाव और अंतरराष्ट्रीय विकास पर गंभीर चर्चा की.
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38वें दिन भी विनाश जारी (US Israel Iran War 38 Day)
महायुद्ध के 38वें दिन मिडिल ईस्ट में लेबनान पर हुए हमलों (15 मौतें, 52 घायल) से लेकर ईरान के अंदर अमेरिकी सेना के दुस्साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन तक, हर घटना विश्व शांति के लिए एक बड़ा खतरा है. मंगलवार रात 8 बजे की डेडलाइन अब पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा रही है. ट्रंप का अल्टीमेटम, ईरान की जिद और मंडराता एटमी खतरा, यह सब इशारा कर रहे हैं कि अगर वक्त रहते कूटनीतिक समाधान (जैसे भारत के साथ चर्चा) काम नहीं आया, तो होर्मुज स्ट्रेट की यह आग दुनिया भर में आर्थिक और मानवीय तबाही का रूप ले सकती है.
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