India US Trade: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े टैरिफ फैसलों को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ट्रंप ने शांति के समय में 50 साल पुराने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके टैरिफ नहीं लगा सकते. यह फैसला 6-3 के बहुमत से आया. इससे ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ अवैध हो गए.
कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद ही ट्रंप ने एक नया कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. इसमें सभी देशों से आने वाले आयात पर 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाया गया है. यह टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और 150 दिनों तक चलेगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वे सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगा रहे हैं, जो लगभग तुरंत प्रभावी होगा. उन्होंने सेक्शन 122 कानून का सहारा लिया, जो राष्ट्रपति को अस्थायी रूप से 15 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है.
भारत पर क्या असर?
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में एक अंतरिम ट्रेड डील हुई थी. इसमें भारत पर 50 प्रतिशत तक के पेनल्टी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया था. कोर्ट के फैसले से 18 प्रतिशत टैरिफ का कानूनी आधार खत्म हो गया. इससे भारत पर टैरिफ पुराने स्तर यानी 3.5 प्रतिशत (मोस्ट फेवर्ड नेशन दर) पर आ सकता था. लेकिन नए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ के साथ अब भारत पर कुल टैरिफ लगभग 13.5 प्रतिशत हो सकता है. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत पर अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा. इससे भारतीय निर्यात जैसे कपड़ा, दवा और रत्न आदि पर असर पड़ सकता है.
सरकार का पहला बयान
भारत सरकार ने इस पर पहली प्रतिक्रिया दी है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा, ‘हम बारीकी से स्टडी कर रहे हैं.’ मंत्रालय ने शुक्रवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया. बयान में कहा गया कि अमेरिकी प्रशासन की ओर से कुछ कदमों की घोषणा हुई है. सरकार इन सभी घटनाक्रमों और उनके संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रही है. इससे भारत-अमेरिका व्यापार पर क्या असर पड़ेगा, यह देखा जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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