डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो (Peter Navarro) इन दिनों भारत को लेकर दिए गए विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में हैं. उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को ‘मोदी का युद्ध’ बताते हुए भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं. नवारो का कहना है कि भारत रूस से तेल खरीदकर इस संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है. 29 अगस्त को उन्होंने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाकर पुतिन की वॉर मशीन को मिलने वाली फंडिंग रोकी गई है. 31 अगस्त को तो उन्होंने भारत को “क्रेमलिन की मनी लॉन्ड्रिंग मशीन” तक कह डाला.
ब्राह्मण पर भी कर चुके हैं टिप्पणी
इतना ही नहीं उन्होंने (Peter Navarro) ब्राह्मण समुदाय पर भी टिप्पणी की और कहा कि ये लोग भारतीयों के खर्च पर मुनाफा कमा रहे हैं. साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की चीन और रूस के राष्ट्रपतियों से मुलाकात पर भी उन्हें आपत्ति है.
जाने-माने अर्थशास्त्री हैं नवारो
पीटर नवारो (Peter Navarro) 2016 से ट्रंप के साथ जुड़े हुए हैं और जनवरी 2025 से फिर से उनके ट्रेड एडवाइजर बने हैं. उनका जन्म 15 जुलाई 1949 को मैसाचुसेट्स में हुआ था. नवारो एक जाने-माने अर्थशास्त्री हैं जिन्होंने हार्वर्ड से पीएचडी की है और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में दो दशक से ज्यादा पढ़ाया है.
चीन पर लिख चुके हैं किताब
उन्होंने (Peter Navarro) चीन पर एक चर्चित किताब “द कमिंग चाइना वॉर्स” भी लिखी है, जिसमें चीन के आर्थिक और सैन्य विस्तार को वैश्विक खतरा बताया गया है. नवारो ने अमेरिकी शांति सेना में भी सेवा दी है और कई एशियाई देशों की यात्रा की है, जिसमें भारत भी शामिल है.
नवारो क्यों गए थे जेल?
हाल ही में उन्हें 2020 के चुनाव को पलटने की कोशिश के चलते कांग्रेस की अवमानना का दोषी पाया गया और चार महीने की जेल की सजा सुनाई गई. वे इस आरोप में जेल जाने वाले पहले पूर्व व्हाइट हाउस अधिकारी बन गए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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