जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू का तलाक अब इतिहास का सबसे महंगा तलाक बनने जा रहा है. दरअसल अमेरिकी कोर्ट ने प्रमिला श्रीनिवासन की याचिका पर श्रीधर से 1.7 अरब डॉलर यानी करीब 15 हजार करोड़ रुपये का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है. यह बॉन्ड वैवाहिक संपत्ति के बंटवारे और प्रॉपर्टी ट्रांसफर को रोकने के लिए है. वहीं श्रीधर ने यह दावा किया है कि जोहो (ZCPL) में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ 5% है. प्रमिला ने इसे झूठा बताया और कहा कि उन्होंने श्रीधर का बिजनेस सपोर्ट किया था. अब यह केस भारत के सबसे महंगे तलाकों में शुमार हो सकता है.
श्रीधर वेम्बू पर अमेरिकी कोर्ट का तगड़ा आदेश
कैलिफोर्निया की सुपीरियर कोर्ट ने जनवरी 2025 में आदेश दिया. श्रीधर ने चेन्नई स्थित ज़ोहो कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड (ZCPL) के शेयर गुप्त रूप से ट्रांसफर कर दिए थे. ये ट्रांसफर तीन फेज में हुआ. प्रमिला ने दावा किया कि श्रीधर ने उनकी हिस्सेदारी को कम दिखाने के लिए यह खेल किया. जबकि कोर्ट ने कहा कि श्रीधर ने सामुदायिक संपत्ति में प्रमिला के हितों की अनदेखी की. कोर्ट ने जोहो कॉर्पोरेशन और संबंधित कंपनियों पर रिस्ट्रक्चरिंग रोक लगाई. एक रिसीवर नियुक्त किया गया. यह आदेश वैवाहिक संपत्ति के संरक्षण के लिए है.
प्रमिला श्रीनिवासन का दावा क्या?
प्रमिला श्रीनिवासन अमेरिका में रहने वाली शिक्षाविद और हेल्थ टेक एक्सपर्ट हैं. उनके पास इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इनकम से श्रीधर का सपोर्ट किया. श्रीधर नौकरी छोड़कर बिजनेस पर फोकस कर सके. तलाक की अर्जी के बाद पता चला कि जोहो में श्रीधर की हिस्सेदारी सिर्फ 5% है. बाकी हिस्सा भाई-बहनों के पास है. प्रमिला ने इसे गहरा सदमा बताया. उन्होंने ब्रेन फाउंडेशन भी चलाई है जो ऑटिज्म रिसर्च के लिए काम करती है.
श्रीधर वेम्बू की कुल नेटवर्थ क्या है?
फोर्ब्स 2025 के मुताबिक श्रीधर वेम्बू और उनके भाई-बहनों की कुल संपत्ति 6 अरब डॉलर है. श्रीधर ने दावा किया कि जोहो में उनकी हिस्सेदारी हमेशा से सिर्फ 5% रही है. को-फाउंडर और लंबे समय तक CEO रहने के बावजूद उन्होंने इतनी कम हिस्सेदारी रखी. प्रमिला ने इसे झूठा बताया. उन्होंने कहा कि तलाक के बाद पता चला कि कंपनी जोहो (ZCPL) में उनकी कोई हिस्सेदारी नहीं है. यह केस अब 15 हजार करोड़ के बॉन्ड पर अटका है.
क्या है पूरा विवाद?
बता दें कि श्रीधर वेम्बू और प्रमिला श्रीनिवासन का वैवाहिक जीवन लगभग 30 साल चला. एक बेटे की परवरिश अमेरिका में हुई. 2019 के अंत में श्रीधर भारत लौट आए. तलाक की कार्यवाही 2021 में शुरू हुई. प्रमिला ने आरोप लगाया कि श्रीधर ने संपत्ति ट्रांसफर कर उनकी हिस्सेदारी को कम किया. कोर्ट ने इसे गंभीर माना और बॉन्ड का आदेश दिया.वहीं यह भारत का अब तक का सबसे महंगा तलाक बनने की ओर बढ़ रहा है.
यह भी पढ़ें:
किसे किडनैप कराना चाहता है पाकिस्तान? ख्वाजा आसिफ का तुर्किए को ट्रंप के खिलाफ भड़काऊ सुझाव
कौन हैं नूर अहमद नूर? भारत में बनेंगे तालिबान का चेहरा, मिली अफगान दूतावास की कमान
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

