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Bangladesh की संसद भंग, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस होंगे अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कहा कि जल्द ही अंतरिम सरकार का गठन होगा. राष्ट्रपति ने विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को रिहा करने का भी निर्देश दिया.

मोहम्मद यूनुस. (फोटो: IANS)

बांग्लादेश में नौकरी में आरक्षण को लेकर जारी प्रदर्शन और हिंसा के बीच बीते 5 अगस्त को प्रधानमंत्री शेख हसीना इस्तीफा देकर देश छोड़कर चली गई हैं. इस बीच बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मौजूदा संसद को भंग करने का ऐलान किया है. देश में जल्द ही अंतरिम सरकार का गठन होगा.

इस दौरान जमात-ए-इस्लामी और छात्र शिबिर ने अपने कार्यकर्ताओं को हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यकों के अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा करने को कहा है. वहीं भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के कोऑर्डिनेटर छात्र समूह ने एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें कहा है कि नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार होंगे. अंतरिम सरकार के अन्य सदस्यों के नामों के प्रस्ताव भी साझा किए जाएंगे.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छात्र आंदोलन के प्रमुख कोऑर्डिनेटर में से एक नाहिद इस्लाम ने कहा कि उन्होंने पहले ही डॉ. मोहम्मद यूनुस से बात की है. देश के मौजूदा हालात देखते हुए उन्होंने अपनी सहमति दे दी है.


ये भी पढ़ें: जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की तत्काल रिहाई के लिए बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने दिए आदेश


भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर एलर्ट

बता दें कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में आगजनी और भीषण हिंसा के बीच भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षा बल (बीएसएफ) अलर्ट पर है. बीएसएफ के डीजी दलजीत चौधरी लगातार दूसरे दिन भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के दौरे पर हैं.

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने ऐलान किया है कि संसद को भंग कर जल्द ही देश में अंतरिम सरकार बनाई जाएगी. राष्ट्रपति ने यह जानकारी विभिन्न राजनीतिक दलों और सिविल सोसाइटी के साथ बैठक के दौरान दी. बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल हुए थे.

खालिदा जिया को रिहा करने का फैसला

बैठक में सर्वसम्मति से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष खालिदा जिया को भी तुरंत रिहा करने का फैसला लिया गया. इसके अलावा राष्ट्रपति ने विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को रिहा करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने हिंसा में शामिल लोगों को निष्पक्ष जांच के जरिए सजा दिलाने का वादा किया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने राजनीतिक दलों से देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को सामान्य बनाने, लूटपाट और हिंसक गतिविधियों को रोकने की अपील की है.

-भारत एक्सप्रेस



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