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पूजा खेडकर की याचिका का दिल्ली HC ने निपटारा किया, उनकी उम्मीदवारी रद्द करने के आदेश की डिटेल देगा UPSC

IAS Pooja Khedkar Controversy: पूजा खेडकर को यूपीएससी के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था. इसके बाद उनके चयन को रद्द कर दिया गया था.

IAS Pooja Khedkar

पूजा खेडकर

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

IAS Pooja Khedkar Controversy: बर्खास्त ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की ओर से दायर याचिका का दिल्ली हाई कोर्ट ने निपटारा कर दिया. कोर्ट ने पूजा खेडकर को उचित फोरम में जाने की इजाजत दी है. मामले की सुनवाई के दौरान UPSC ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वह दो दिनों के भीतर पूजा खेड़कर को उम्मीदवारी स्थायी रूप से रद्द करने के आदेश के बारे में जानकारी देगा.

हाईकोर्ट में यह आदेश जस्टिस ज्योति सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया. मामले की सुनवाई के दौरान पूजा खेडकर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि इस मामले में अजीब बात यह है कि मेरी उम्मीदवारी रद्द करने का आदेश आज तक नहीं मिला. उन्होंने कहा कि मेरे पास सिर्फ प्रेस विज्ञप्ति है.

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अदालत में पूजा के वकील ने जयसिंह ने ये बातें कहीं

इंदिरा जयसिंह ने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति को रद्द करना होगा. उन्हें मुझे आदेश देना होगा ताकि मैं उचित न्यायाधिकरण से संपर्क कर सकूं. पूजा खेडकर के वकील ने कहा कि वह विशेष रूप से दो कार्रवाइयों का अनुरोध कर रही है. उम्मीदवारी को रद्द करने का आदेश और रद्द करने से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति को रद्द करने की मांग. वहीं, यूपीएससी की ओर से पेश वकील नरेश कौशिक ने कोर्ट को बताया कि प्रेस विज्ञप्ति इसलिए जारी की गई क्योंकि पूजा खेड़कर का पता अज्ञात था.

उम्मीदवारी रद्द करने के फैसले को दी थी चुनौती

बता दें कि पूजा खेडकर ने UPSC द्वारा उम्मीदवारी रद्द करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इस याचिका में जिन संस्थाओं की ओर से पूजा खेडकर को नोटिस जारी किया गया था, उन्हें पूजा खेड़कर ने पार्टी बनाया था. बता दें कि पूजा खेडकर को यूपीएससी के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था. इसके बाद उनके चयन को रद्द कर दिया गया था. इतना ही नहीं, पूजा खेडकर की मां के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. उनकी मां को किसान को धमकाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत को पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया था और कोर्ट ने यूपीएससी को जांच का दायरा बढ़ाने के लिए कहा था.

– भारत एक्‍सप्रेस



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