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महापंचायत में फैसला, दलित प्रेरणा स्थल से फिर शुरू होगा आंदोलन, जेल से छूटे सभी किसान

महापंचायत में नरेश टिकैत का प्रतिनिधित्व करते हुए गौरव टिकैत शामिल हुए और उनकी अगुवाई में महापंचायत में यह फैसला हुआ कि जब तक जेल में बंद किसानों को नहीं छोड़ा जाएगा तब तक किसान जीरो पॉइंट पर ही बैठे रहेंगे.

ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर बुधवार (4 दिसंबर) सुबह से शुरू हुई किसानों की महापंचायत उनके हक में रही और जेल में बंद उनके सभी किसान साथी और नेता छूट कर वापस आ गए. हालांकि, इस महापंचायत में राकेश टिकैत नहीं पहुंच पाए, क्योंकि उन्हें टप्पल पर पुलिस ने रोक लिया था. लेकिन, इसमें नरेश टिकैत का प्रतिनिधित्व करते हुए गौरव टिकैत शामिल हुए और उनकी अगुवाई में महापंचायत में यह फैसला हुआ कि जब तक जेल में बंद किसानों को नहीं छोड़ा जाएगा तब तक किसान जीरो पॉइंट पर ही बैठे रहेंगे.

इसके बाद पुलिस को आदेश मिला कि ग्रेटर नोएडा के लुकसर जेल में बंद सभी किसानों को रिहा कर दिया जाए. जिसके बाद जेल में बंद किसानों को पुलिस ने रिहा कर दिया और वो अपने समर्थकों के साथ महापंचायत स्थल पर पहुंचने लगे.

123 किसान रिहा

जानकारी के मुताबिक कुल 123 किसानों को दलित प्रेरणा स्थल से पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिन्हें रिहा कर दिया गया. इनमें किसानों ने मुख्य नेता पवन खटाना, सुखबीर खलीफा, सुनील फौजी, रूपेश वर्मा, विकास जतन और बॉबी नागर समेत अन्य नेता जेल से निकलने के बाद महापंचायत स्थल पर पहुंचने लगे. इनके समर्थकों और किसानों ने इन्हें कंधे पर उठा लिया और मंच तक ले गए.

दगअसल, भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर किसानों ने ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर महापंचायत का ऐलान किया था. बुधवार सुबह 10 बजे से किसानों का आना शुरू हो गया था. एक-एक करके सभी 10 संगठनों के किसान प्रतिनिधि महापंचायत स्थल पर पहुंच गए. उनके साथ सैकड़ों की संख्या में किसान भी जीरो पॉइंट पर पहुंचते रहे. पंचायत शुरू की गई. यहां सबसे पहले भाकियू के धर्मेंद्र प्रधान, इसके बाद सुखवीर खलीफा और अन्य बाकी किसान नेता पहुंचे.

मंच पर पहुंचने के बाद इन किसानों ने अपने साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस जगह से इनका आंदोलन शुरू हुआ था एक बार फिर वहीं से इनका आंदोलन शुरू होगा. उन्होंने कहा कि दलित प्रेरणा स्थल से ही अपना आंदोलन फिर शुरू करेंगे. हालांकि, इस महापंचायत में राकेश टिकैत नहीं पहुंच पाए क्योंकि उन्हें टप्पल में पुलिसकर्मियों ने रोक लिया था.

आज का धरना जीरो पॉइंट पर चलेगा

वहीं किसानों और पुलिस के आला अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद ये निर्णय लिया गया कि आज का धरना जीरो पॉइंट पर चलेगा. सुबह दोबारा से किसानों की बैठक अधिकारियों के साथ होगी. इसमें तय होगा कि धरना जीरो पॉइंट पर किया जाए या फिर राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर.

यमुना प्राधिकरण के ओएसडी, शैलेंद्र सिंह ने कहा कि तीनों प्राधिकरण के अधिकारी और डीएम की एक कमेटी किसानों से बातचीत करेगी. उनकी सभी मांगों पर काम होगा. हम एक चैनल तैयार कर रहे हैं, जिसके जरिए बातचीत होगी. आपको रोजाना कार्य की प्रगति देखने को मिलेगी.

कमेटी एक महीने में देगी रिपोर्ट

किसानों की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए एक हाई पावर कमेटी का गठन किया गया. यह कमेटी प्रमुख सचिव अवस्थाना एवं औद्योगिक विकास अनिल कुमार सागर की अध्यक्षता में बनाई गई है. जिसमें उनके अलावा चार सदस्य हैं. विशेष सचिव अवस्थाना एवं औद्योगिक विकास पीयूष वर्मा, नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय खत्री, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौम्या श्रीवास्तव, यमुना विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कपिल सिंह को भी सदस्य बनाया गया है. यह कमेटी एक महीने के अंदर किसानों की समस्याओं का समाधान करके रिपोर्ट शासन को सौंपगी.

सरकार की तानाशाही ठीक नहीं

भारतीय किसान यूनियन के युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गौरव टिकैत ने नोएडा में चल रही किसानों की पंचायत में पहुंचकर मोर्चा संभाला. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को भी संबोधित करते हुए कहा है कि भोले-भाले सीधे-साधे किसानों पर अत्याचार करते हुए आपकी सरकार के साथ आपकी भी छवि धूमिल हो रही है. दुखी किसानों के बच्चे और युवा दिशाविहीन हो रहे हैं. दिल्ली तो नजदीक है, क्या हमें लखनऊ की भी यात्रा करनी पड़ेगी. निर्दोष किसानों को धरने से अवैध तरीके से उठाकर जेल में ठूंस दिया गया. इतनी तानाशाही ठीक नहीं.

-भारत एक्सप्रेस



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