भारतीय सेना के विशेष बल 9 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के साथ तैनात बहादुर सेवा कुत्ते ‘फैंटम’ (Phantom Dog) को इस साल गणतंत्र दिवस पर मरणोपरांत ‘मेंशन इन डिस्पैचेस’ वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार युद्ध या सैन्य अभियानों में असाधारण वीरता और सेवा के लिए दिया जाता है.
फैंटम: एक अनमोल योद्धा
फैंटम, एक प्रशिक्षित सेवा कुत्ता, 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज के साथ कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहा. अपनी अद्वितीय सूंघने और खतरों का पता लगाने की क्षमता के कारण, फैंटम ने कई बार अपने साथियों की जान बचाई. आतंकवाद-रोधी अभियानों में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है. उसकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के चुनौतीपूर्ण और खतरनाक इलाकों में हुई थी, जहां उसने बहादुरी के साथ आतंकियों के खिलाफ अभियान में भाग लिया.
शहादत का जज्बा
2023 के एक ऑपरेशन के दौरान, फैंटम ने आतंकियों की उपस्थिति का पता लगाकर अपनी टीम को सतर्क किया. इस दौरान, उसने अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों का सामना किया और अपने सैनिक साथियों को सुरक्षित रखा. हालांकि, इस साहसी प्रयास में फैंटम गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मृत्यु हो गई.
मेंशन इन डिस्पैचेस का महत्व
फैंटम को मरणोपरांत दिए गए ‘मेंशन इन डिस्पैचेस’ सम्मान ने उसकी असाधारण सेवा और बलिदान को मान्यता दी है. यह सम्मान दिखाता है कि भारतीय सेना अपने हर योद्धा, चाहे वह मानव हो या पशु, की बहादुरी और समर्पण को महत्व देती है.
भारतीय सेना का गौरव
फैंटम की बहादुरी और बलिदान न केवल सेना के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है. उसने यह साबित कर दिया कि वीरता केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है. उसकी कहानी देशवासियों को प्रेरित करती है और सेना के सेवा कुत्तों की महत्ता को उजागर करती है.
भारतीय सेना ने फैंटम जैसे वीर योद्धाओं के बलिदान को सलाम करते हुए देशवासियों से यह आह्वान किया है कि वे सेना और उसके योद्धाओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करें.
ये भी पढे़ं:
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


