इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो.
भारत में 76वें राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए दिल्ली आए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने शनिवार को संसद भवन का भ्रमण किया. उन्होंने भारत की समृद्ध संसदीय प्रणाली पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से बात की और संसद भवन की वास्तुकला की सराहना की.
लोकसभा अध्यक्ष ने भेंट की संविधान की प्रति
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रपति सुबियांतो को भारत के संविधान की एक प्रति और संसद भवन की एक प्रतिकृति भेंट की. भारत और इंडोनेशिया के संबंध सदियों पुराने हैं और यह सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों के माध्यम से और भी मजबूत हुए हैं. रामायण और महाभारत जैसे प्राचीन भारतीय ग्रंथों के माध्यम से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की गहरी जड़ें हैं. समय के साथ इन संबंधों में और भी मजबूती आई है, और दोनों देशों के आपसी सहयोग के अवसर निरंतर बढ़े हैं.
भारत ने हमारे संघर्ष में हमारा समर्थन किया
इससे पहले, राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का औपचारिक स्वागत किया. राष्ट्रपति सुबियांतो गुरुवार शाम नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने उनका स्वागत किया. औपचारिक स्वागत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सम्मान के लिए गहरा आभार व्यक्त किया. इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने उन्हें मिले सम्मान के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया भारत को अपना बहुत करीबी मित्र मानता है. भारत उन पहले देशों में से एक था, शायद पहला, जिसने हमारी स्वतंत्रता को मान्यता दी और स्वतंत्रता के लिए हमारे संघर्ष में हमारा समर्थन किया. हम कभी नहीं भूलेंगे कि भारत ने हमारी मदद के लिए क्या किया.
-भारत एक्सप्रेस
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