Hyundai Motor India: हुंडई मोटर इंडिया अब भारत को उभरते बाजारों के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की योजना बना रही है. कंपनी के शीर्ष अधिकारी के अनुसार, हुंडई अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर अफ्रीका और पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका में निर्यात को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है.
नए बाजारों पर ध्यान
हुंडई मोटर इंडिया के एमडी उनसू किम ने कहा कि कंपनी उभरते बाजारों के लिए लागत प्रभावी वाहन तैयार कर रही है और निर्यात को बढ़ावा दे रही है. हालांकि, रेड सी संकट और अन्य भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण मध्य पूर्व में निर्यात में चुनौतियां बनी हुई हैं. “हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और जोखिम को कम करने के लिए अन्य बाजारों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं,” किम ने कहा.
हुंडई की वैश्विक निर्यात स्थिति
हुंडई ने वित्तीय वर्ष 2024 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 40,386 वाहनों का निर्यात किया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 43,650 था. कैलेंडर वर्ष 2024 में, कंपनी ने कुल 1,58,686 वाहनों का निर्यात किया. इस वर्ष सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको, चिली और पेरू इसके सबसे बड़े निर्यात बाजार रहे.
हुंडई के 25 वर्षों का सफर
इस महीने, हुंडई मोटर इंडिया ने भारत से निर्यात के 25 साल पूरे कर लिए. 1999 में निर्यात शुरू करने के बाद से, कंपनी अब तक 3.7 मिलियन से अधिक यात्री वाहनों को 150 से अधिक देशों में भेज चुकी है और वर्तमान में 60 से अधिक देशों को निर्यात कर रही है.
हुंडई की भविष्य की योजनाएं
कंपनी का लक्ष्य भारत को दक्षिण कोरिया के बाहर हुंडई के लिए सबसे बड़ा निर्यात केंद्र बनाना है. “हम आने वाले वर्षों में अपनी वृद्धि को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं,” किम ने कहा.
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-भारत एक्सप्रेस
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