नेता प्रतिपक्ष आतिशी. (फोटो- IANS)
दिल्ली नगर निगम की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी ने कहा कि वह दिल्ली नगर निगम के 12 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जा रही है. 25 फरवरी को नगर निगम में हाउस की बैठक के दौरान यह फैसला लिया जाएगा. रविवार को आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि यह नगर निगम में कच्चे कर्मचारियों को पक्का किए जाने का अब तक का सबसे बड़ा निर्णय है. आम आदमी पार्टी की विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी का कहना है कि उनकी पार्टी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि जब हमने नगर निगम का चुनाव लड़ा था, तब हमने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था और आज वो वादा पूरा करने जा रहे हैं.
4 हजार कच्चे कर्मचारियों को पहले ही पक्का कर चुके हैं
आतिशी का कहना है कि अपने इस कदम से हम अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर रहे हैं. जिस दिन से आप की सरकार बनी है, यह पार्टी का वादा रहा है. इसी के तहत पंजाब सरकार में जो कॉन्ट्रैक्ट टीचर हैं उनको पक्का किया जा रहा है. आतिशी का कहना है कि नगर निगम में आने के बाद वह साढ़े 4 हजार कच्चे कर्मचारियों को पहले ही पक्का कर चुके हैं. आतिशी का कहना है कि नगर निगम की सत्ता में काबिज उनकी पार्टी अब दिल्ली नगर के 12 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करेगी.
उन्होंने बताया कि एक बार में 12 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्के कर्मचारियों के तौर पर नियुक्ति दी जाएगी. यह नगर निगम में अब तक का सबसे बड़ा निर्णय होगा, जहां एक बार में 12 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्की नौकरी दी जाएगी. इन कर्मचारियों में दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सफाई कर्मचारी, माली, बेलदार आदि शामिल हैं. इनके अलावा नगर निगम के स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापक, इंजीनियरिंग विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले जूनियर इंजीनियर व सहायक इंजीनियर, मलेरिया की चेकिंग करने वाले ब्रीडिंग चेकर आदि कर्मचारियों को भी पक्का किया जाएगा.
10 साल में बजट दोगुना से ज्यादा किया
आतिशी ने कहा कि नगर निगम के विभिन्न विभागों में कार्य कर रहे कच्चे कर्मचारियों को 25 फरवरी को पक्का करने का निर्णय लिया गया है. दिल्ली का खजाना खाली होने के आरोपों पर आतिशी ने कहा कि उनकी यह अपेक्षा थी कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपने तथाकथित वादों को पूरा करने से बचेगी, वे इसके लिए कोई ना कोई बहाना जरूर बनाएंगे. इसलिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने से पहले, मुख्यमंत्री की शपथ होने से पहले हमने दिल्ली और देश के सामने दिल्ली सरकार के खजाने के आंकड़े रख दिए थे.
उन्होंने कहा कि 2015 में जब दिल्ली में आम आदमी की सरकार बनी थी तब दिल्ली का कुल बजट 30,000 करोड़ रुपये था. उन्होंने कहा था कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने 10 साल तक ईमानदार सरकार चलाई और दस साल में यह बजट बढ़कर 77 हजार करोड़ हो गया. आतिशी का कहना था कि दिल्ली मुनाफे में चलने वाला राज्य है. यह बजट दिल्ली सरकार अपने खुद के रेवेन्यू से तय करती है, उसे केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं मिलती, इसलिए दिल्ली की भाजपा सरकार को अब अपने वादे पूरे करने चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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