भारत अपने निर्यात को बढ़ावा देने और वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए लगातार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) पर काम कर रहा है. अब भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर चर्चाएं फिर से शुरू हो गई हैं. इस समझौते से भारतीय व्यापार को कई फायदे मिलने की उम्मीद है.
भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की मौजूदा स्थिति
24 फरवरी 2025 को भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और यूके के बिजनेस एंड ट्रेड सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने दोनों देशों के बीच FTA वार्ता को फिर से शुरू करने की घोषणा की. यह वार्ता लगभग आठ महीने के अंतराल के बाद हो रही है. इससे पहले, जनवरी 2022 में इस समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी और अब तक 14 दौर पूरे हो चुके हैं.
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के प्रकार
- फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को उनकी प्रकृति के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जाता है…
- PTA (प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट): इसमें कुछ वस्तुओं को ड्यूटी फ्री किया जाता है, जैसे भारत-थाईलैंड समझौता.
- RTA (रीजनल ट्रेड एग्रीमेंट): इसमें क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा दिया जाता है.
- BTA (बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट): यह दो देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को आसान बनाता है.
- CECA (कंप्रिहेंसिव इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन एग्रीमेंट) और CEPA (कंप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट): ये व्यापक व्यापार समझौते होते हैं, जैसे भारत-कोरिया और भारत-जापान समझौते.
- TEPA (ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट): इसका दायरा और भी बड़ा होता है.
भारत किन देशों के साथ कर चुका है FTA?
भारत अब तक श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, ASEAN और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) जैसे देशों और समूहों के साथ कई व्यापारिक समझौते कर चुका है.
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, भारत ने अब अपने FTA फोकस को एशिया (जैसे जापान, कोरिया, ASEAN) से हटाकर पश्चिमी देशों (जैसे UK, EU, US) की ओर शिफ्ट कर दिया है.
भारत को इस समझौते से क्या मिलेगा?
भारतीय निर्यात को बढ़ावा
- वित्त वर्ष 2024 में भारत से UK को 12.9 बिलियन डॉलर (लगभग 1.12 लाख करोड़ रुपये) का माल निर्यात किया गया.
- आधे से ज्यादा भारतीय उत्पाद पहले से ही UK में कम या बिना किसी टैरिफ के निर्यात किए जाते हैं.
- टेक्सटाइल, फूटवियर, कार्पेट, कार, समुद्री उत्पाद, अंगूर और आम जैसे भारतीय उत्पादों पर ब्रिटेन में टैरिफ कम होने से फायदा होगा.
भारतीय आयात पर प्रभाव
- भारत ने UK से वित्त वर्ष 2024 में 8.4 बिलियन डॉलर (73,175 करोड़ रुपये) का आयात किया.
- भारत UK से आयातित 91% सामान पर औसतन 14.6% टैरिफ लगाता है.
- कुछ उत्पादों पर टैरिफ बहुत ज्यादा है, जैसे:
– कारों पर 100%
-स्कॉच व्हिस्की और वाइन पर 150%
- इस समझौते से UK के प्रोडक्ट्स जैसे प्रेशियस मेटल्स, कारें, मेकअप आइटम्स, मेटल स्क्रैप, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, स्कॉच व्हिस्की, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक चिप्स को फायदा हो सकता है.
बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी (BIT) का महत्व
भारत और UK के बीच बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी (BIT) पर भी चर्चा चल रही है. इस संधि का उद्देश्य दोनों देशों में निवेश को बढ़ावा देना और सुरक्षा प्रदान करना है. भारत चाहता है कि विदेशी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता (International Arbitration) का सहारा लेने से पहले स्थानीय न्यायिक प्रक्रियाओं का पालन करें. हालांकि, विदेशी निवेशक भारतीय न्याय व्यवस्था की धीमी प्रक्रिया को लेकर चिंतित रहते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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