सांकेतिक तस्वीर.
भारत का पहला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना, वर्तमान में एक महत्वपूर्ण ‘मेक इन इंडिया’ स्टील ब्रिज को पूरा करने की प्रक्रिया में है जो 200 मीटर लंबा है. यह स्टील ब्रिज गुजरात के नाडियाड में राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के करीब स्थित है, जो दिल्ली, मुंबई और चेन्नई को जोड़ने वाली एक प्रमुख सड़क है. यह स्टील ब्रिज बुनियादी ढांचा उद्योग से संबंधित भारत के विभिन्न प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है.
नाडियाड के निकट स्थित इस पुल का निर्माण, जिसे गर्व से ‘मेक इन इंडिया’ स्टील ब्रिज के रूप में ब्रांड किया गया है, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए एक मील का पत्थर है.
यह विकास भारत की इंजीनियरिंग क्षमता तथा स्थानीय, घरेलू प्रतिभा के माध्यम से देश में परिवहन अवसंरचना विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.
यूपी के हापुड़ में स्ट्रेंथ बोल्ट बने
100 मीटर के दो स्पैन वाले इस स्टील ब्रिज की चौड़ाई 14.3 मीटर और ऊंचाई 14.6 मीटर है. इस ढांचे को टेंशन कंट्रोल हाई-स्ट्रेंथ बोल्ट का इस्तेमाल करके बनाया गया है और इसका निर्माण उत्तर प्रदेश के हापुड़ में सालासर वर्कशॉप में किया गया है. स्टील पुल निर्माण लचीलेपन में लाभ प्रदान करते हैं तथा मौजूदा रेलवे लाइनों और राजमार्गों को पार करने के लिए मजबूत सहारा प्रदान करते हैं.
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प्रगति और भविष्य के अनुमान
एमएएचएसआर परियोजना के तहत गुजरात और महाराष्ट्र में कुल 28 स्टील पुल बनाए जाने की उम्मीद है, जिनमें से 17 गुजरात और 11 महाराष्ट्र में आवंटित किए गए हैं. वर्तमान में, गुजरात खंड में, छह पुल पूरे हो चुके हैं, जो परियोजना की निरंतर प्रगति को दर्शाता है. बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार एनएचएसआरसीएल को उम्मीद है कि गुजरात में पहला खंड वर्ष 2026 में चालू हो जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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