अमेरिका स्थित प्रोलॉजिस इंक, जो दुनिया की सबसे बड़ी वेयरहाउसिंग संपत्ति मालिक कंपनी है, भारत में 2026 तक लगभग $500 मिलियन का निवेश करने की योजना बना रही है. कंपनी देश में बड़े पैमाने पर वेयरहाउसिंग पार्क विकसित करेगी. प्रोलॉजिस के मुख्य निवेश अधिकारी जोसेफ गजाल ने एक साक्षात्कार में बताया कि कंपनी अगले 5-7 वर्षों में भारत में अपने निवेश को दोगुना कर सकती है. अमेजन इंक जैसी बड़ी कंपनियों को अपनी सेवाएं देने वाली यह कंपनी भारत में वेयरहाउसिंग पार्क बनाने और लीज पर देने के साथ-साथ ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से बिल्ट-टू-सूट सुविधाएं भी विकसित करेगी.
भारत में दीर्घकालिक विकास की योजना
जोसेफ गजाल ने कहा, “हम भारत में तेजी से विस्तार करने की महत्वाकांक्षी योजना बना रहे हैं. ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग बाजार अभी भी अपर्याप्त है और इसमें भारी विकास की संभावना है. भारत की आर्थिक वृद्धि, नियामकीय वातावरण, उपभोक्ता मांग और यहां के ग्राहक आधार हमारे लिए बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं. हम भारत में लंबे समय के लिए आए हैं.” शुरुआत में, प्रोलॉजिस दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई में अपनी मौजूदगी स्थापित करने की योजना बना रही है.
भारत में भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य
पिछले एक वर्ष में, प्रोलॉजिस ने तीन प्रमुख स्थानोंपर जमीन खरीदी है:
– 200 एकड़ भूमि श्रीपेरंबदूर (चेन्नई) में
– 40 एकड़ भूमि होसूर (बेंगलुरु के पास) में
– 30 एकड़ भूमि होसकोटे (बेंगलुरु के बाहरी इलाके) में, जिसे डेवलपर आरएमज़ेड कॉर्प के साथ संयुक्त उद्यम के तहत खरीदा गया है.
जोसेफ गजाल ने कहा, “प्रोलॉजिस एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है, जो डिज़ाइन, लीज़िंग, प्रॉपर्टी मैनेजमेंट और कस्टमर सॉल्यूशंस जैसी सेवाएं प्रदान करता है. हमारी योजना भारत में वैश्विक स्तर की सुविधाएं विकसित करने की है.
भारत में प्रोलॉजिस का विस्तार और प्रतिस्पर्धा
प्रोलॉजिस मुख्य रूप से *नई जमीन खरीदकर और मौजूदा परिसंपत्तियों का अधिग्रहण करके भारत में तेजी से विस्तार करने की योजना बना रही है. कंपनी के भारत प्रमुख विनीत सेकसरिया ने कहा कि श्रीपेरंबदूर और होसकोटे में निर्माण कार्य जारी है, जबकि होसूर में जल्द ही निर्माण शुरू होगा. उन्होंने कहा, “हम अपने अधिकांश प्रोजेक्ट्स खुद विकसित करेंगे, हालांकि कुछ में भागीदार भी होंगे. हम साझेदारी के लिए भी खुले हैं ताकि तेजी से विस्तार किया जा सके.”
प्रोलॉजिस हाल ही में डेटा सेंटर व्यवसाय में भी उतरी थी. हालांकि, गजाल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल भारत में कंपनी वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स पर ध्यान केंद्रित करेगी, लेकिन भविष्य में इसके अन्य व्यवसाय भी लाए जा सकते हैं. भारत में, प्रोलॉजिस को इंडोस्पेस, ब्लैकस्टोन समर्थित होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, एसेन्डास फर्स्टस्पेस और ईएसआर इंडिया जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा.
भारतीय वेयरहाउसिंग बाजार में बढ़ती संभावनाएं
भारत के शीर्ष आठ शहरों में कुल 438 मिलियन वर्ग फुट वेयरहाउसिंग स्टॉक उपलब्ध है, जिसमें से 238 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग स्पेस है. इनमें से 100 मिलियन वर्ग फुट अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के स्वामित्व में है, जो 2019 में केवल 28 मिलियन वर्ग फुट था. जेएलएल इंडिया के चंद्रनाथ डे (हेड, ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक्स एंड इंडस्ट्रियल) ने कहा, “भारत में कई अंतरराष्ट्रीय ऑपरेटर्स और निवेशक आ रहे हैं या पहले से मौजूद हैं. प्रोलॉजिस जैसी वैश्विक अग्रणी कंपनी का प्रवेश भारतीय वेयरहाउसिंग क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम है और इससे इस सेक्टर को नई ऊंचाइयां और विश्वसनीयता मिलेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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