दिल्ली हाईकोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट पर संज्ञान लिए जाने से पहले ही सुनवाई करने का फैसला किया है. पहले यह सुनवाई 13 अगस्त को होनी थी, लेकिन अब इसे 13 मई को किया जाएगा. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इस मामले में विशेष अदालत में 7 अप्रैल से आरोप तय होने की संभावना थी. इसी को ध्यान में रखते हुए, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई की अर्जी दाखिल की थी.
ईडी ने नहीं जताई आपत्ति
चिदंबरम की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील को कोई आपत्ति नहीं थी कि हाईकोर्ट में सुनवाई पहले हो. दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि अगर 7 अप्रैल को विशेष अदालत में आरोप तय किए जाते हैं, तो उस पर बहस नहीं होगी. हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2024 को चिदंबरम की याचिका पर ईडी से जवाब मांगा था.
चिदंबरम के वकील ने न्यायमूर्ति रविंद्र डुडेजा की बेंच में दलील दी कि अगर 7 अप्रैल से विशेष अदालत में आरोप तय होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, तो उनकी याचिका का कोई औचित्य नहीं रहेगा. इसलिए इस मुद्दे पर पहले ही सुनवाई होनी चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
आईएनएक्स मीडिया केस में सीबीआई ने 15 मई 2017 को एफआईआर दर्ज की थी. आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2007 में जब पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे, तब 305 करोड़ रुपये की विदेशी निधि प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी देने में अनियमितताएं बरती गईं.
सीबीआई ने इस मामले में चिदंबरम को 21 अगस्त 2019 को गिरफ्तार किया था. इसके बाद, 16 अक्टूबर 2019 को ईडी ने उन्हें धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में गिरफ्तार किया था. अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद 13 मई को इस मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी, जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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