Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

कोर्ट ने महिला के तलाकशुदा पति के माता-पिता की विदेशी यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की मांग की खारिज

मामले की सुनवाई के दौरान दंपत्ति की ओर से पेश वकील प्रशांत दीवान ने अदालत से कहा था कि शिकायतकर्ता महिला ने अलग रह रहे अपने पति से एकतरफा तलाक ले लिया है. उनलोगों पर विदेश यात्रा से संबंधित शर्ते अनुचित हैं.

Rouse Avenue Court

दिल्ली के एक अदालत ने एक महिला के तलाकशुदा पति के माता-पिता की विदेशी यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को खारिज कर दिया है. उसने कहा कि तलाक के आदेश के बाद घरेलू हिंसा संबंधी याचिका में मुआवजे के अलावा कोई अन्य राहत नहीं मांगी जा सकती है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विक्रम ने यह आदेश एक महिला अदालत के निर्देश को खारिज करते हुए दिया है. उस निर्देश में पति के माता-पिता से बिना अदालती अनुमति के विदेश न जाने एवं वित्तीय विवाद प्रस्ताव (एफडीआर), यात्रा कार्यक्रम व अन्य विवरण पेश करने को कहा गया था. उक्त दंपत्ति ने उस निर्देश को सत्र अदालत में चुनौती दिया था.

विदेश यात्रा से संबंधित शर्ते अनुचित हैं

मामले की सुनवाई के दौरान दंपत्ति की ओर से पेश वकील प्रशांत दीवान ने अदालत से कहा था कि शिकायतकर्ता महिला ने अलग रह रहे अपने पति से एकतरफा तलाक ले लिया है. उनलोगों पर विदेश यात्रा से संबंधित शर्ते अनुचित हैं. अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता के वकील ने तलाक पर कोई बात नहीं कि है.

3 मई 2025 के तलाक के आदेश के बाद मुआवजे को छोड़कर कोई अन्य राहत देनी बाकी नहीं है. जबकि मुआवजे की राशि कुर्की के जरिए प्रदान की जा सकती है. वहीं एक अन्य मामले में तीस हजारी कोर्ट ने एक पति द्वारा मानसिक क्रूरता के आधार पर दायर तलाक की याचिका को खारिज कर दिया है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी ने बिना बताए गर्भपात कराया, जिससे उसे गहरा आघात लगा.


ये भी पढ़ें: बच्चों के यौन अपराधों वाले केसेज के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिया स्पेशल पॉक्सो कोर्ट बनाने का आदेश


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital