Bharat Express DD Free Dish

मैसूर राजपरिवार को 3400 करोड़ रुपए के टीडीआर सौंपने से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट 27 मई को करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट 27 मई को मैसूर राजपरिवार को 3400 करोड़ रुपये के टीडीआर देने के मामले में सुनवाई करेगा. कर्नाटक सरकार ने टीडीआर देने पर आपत्ति जताई है और दावा किया है कि भूमि का उपयोग नहीं हुआ.

Supreme Court
Edited by Akansha

मैसूर राजपरिवार को 3400 करोड़ रुपए के टीडीआर सौंपने से संबंधित मामले में भूमि मालिक की ओर से दायर याचिका पर 27 मई को सुनवाई करेगा. सीजेआई बी. आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से पूछा कि क्या हम समन्वय पीठ द्वारा लिए गए निर्णय पर अपील कर सकते है? इसपर सिब्बल ने कहा कि अवमानना याचिका पर कोर्ट के निर्णय में संशोधन कैसे किया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को दिया था ये आदेश

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को मैसूर राजपरिवार को 3400 करोड़ रुपये के हस्तांतरणीय विकास अधिकार यानि टीडीआर तत्काल सौपने का आदेश दिया था. जो बेंगलुरु में सड़क विस्तार के लिए ऐतिहासिक पैलेस ग्राउंड से अधिग्रहित 15 एकड़ से अधिक भूमि के मुआवजे के रूप में है.

कपिल सिब्बल ने कही ये बात

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि जब अधिनियम लागू नहीं होता है तो टीडीआर कैसे दिया जा सकता है. अधिनियम 2004 का है. हमने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती देते हुए सुनवाई को टालने की मांग की है.

कपिल सिब्बल ने उठाया कानून के दायरे का सवाल

सिब्बल ने कहा कि कानून के मामले में क्या कानून पूर्वव्यापी रूप से लागू हो सकता है? कोर्ट ने सिब्बल से पूछा कि क्या हम दूसरी पीठ द्वारा लिए गए फैसले के खिलाफ दायर अपील को सुन सकते है क्या? पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बेंगलुरु पैलेस भूमि विवाद के संबंध में राज्य सरकार से टीडीआर सौंपने और 10 दिनों के भीतर टीडीआर प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश दिया था.

कैबिनेट बैठक में लिया गया था निर्णय

राज्य सरकार ने 23 जनवरी को एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक आयोजित किया गया, जिसमें सड़क चौड़ीकरण प्रस्ताव को छोड़ दिया गया और इस आधार पर एक अध्यादेश जारी किया गया कि इतनी बड़ी राशि का मुआवजा प्रदान करना सरकार पर बोझ होगाय इस तरह से जनता का पैसा खर्च करना संभव नहीं है.

टीडीआर मुआवजा नहीं देगी- राज्य सरकार

राज्य सरकार ने कहा था कि वह 3400 करोड़ रुपये का टीडीआर मुआवजा नहीं देगी. उन्होंने यह भी कहा था कि अगर हम 1270 वर्ग मीटर अंदर जमीन अंडरपास के लिए इस्तेमाल करते हैं तो हम 49 करोड़ रुपये का टीडीआर दे सकते हैं. लेकिन हमने महल की जमीन का बिल्कुल भी इस्तेमाल नही किया है. इसलिए टीडीआर जमा करने का कोई कारण नही है. यह जमीन 1994 में अधिग्रहित की गई थी लेकिन 2024 केमूल्य के हिसाब से मुआवजा मांगा जा रहा है. लेकिन हमारे पास सबूत है कि हमने जमीन का इस्तेमाल नहीं किया है.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read