प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), श्रीनगर ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए “इमोलिएंट कॉइन” नामक फर्जी क्रिप्टोकरेंसी घोटाले से जुड़े 2 बैंक खातों और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है. यह संपत्तियां उत्तराखंड के देहरादून जिले स्थित घाटी रिवर वैली क्षेत्र में स्थित हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 2.34 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई विदेशी कंपनी M/s The Emollient Coin Limited, UK के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है. इस कंपनी ने भारत में “इमोलिएंट कॉइन” के नाम से एक फर्जी क्रिप्टोकरेंसी स्कीम चलाई थी, जिसमें लोगों से धोखे से पैसे वसूले गए थे.
भारत में इस घोटाले की कमान नरेश गुलिया नामक व्यक्ति के हाथ में थी, जो भारत और विदेश दोनों जगह इस स्कीम का प्रमोटर था. जांच एजेंसी के मुताबिक, निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर इस स्कीम में फंसाया गया और फिर उनकी जमा रकम का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया गया.
ईडी ने बताया कि इस घोटाले में जुटाए गए धन को विभिन्न बैंक खातों और संपत्तियों में निवेश किया गया था ताकि अवैध कमाई को वैध दिखाया जा सके. इन खातों और संपत्तियों की पहचान करने के बाद उन्हें प्रवर्तन निदेशालय अधिनियम (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया गया है.
ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है, जिसमें अन्य लोगों की भूमिका और धन शोधन की पूरी श्रृंखला को उजागर किया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इस घोटाले का नेटवर्क देश और विदेश में फैला हो सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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