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CBI कोर्ट ने विदेश में रहने वाले भारतीयों को निशाना बनाने वाले साइबर क्राइम केस में दो आरोपियों को 2.5 साल की सजा सुनाई

हरियाणा के पंचकूला में CBI की विशेष अदालत ने दो व्यक्तियों को विदेश में बसे भारतीयों से साइबर ठगी करने के मामले में 2.5 साल की सजा सुनाई. आरोपी फर्जी पहचान और धमकी देकर पैसे ऐंठते थे. CBI ने गहन जांच के बाद आरोप सिद्ध किए.

CBI

पंचकूला (हरियाणा) स्थित सीबीआई मामलों के लिए विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दो निजी व्यक्तियों—आदित्य भारद्वाज उर्फ भानु और दीपक जैन उर्फ डीसी उर्फ डीजे—को विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए साइबर अपराध के मामले में ढाई साल (2.5 वर्ष) की सजा सुनाई है.

यह मामला 27 सितंबर 2016 को सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था. आरोप था कि दोनों आरोपी सिंगापुर में रहने वाले भारतीय नागरिकों से ठगी कर रहे थे. जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी पहचान और कानूनी कार्रवाई की झूठी धमकियों के जरिए लोगों को डराते थे और मनगढंत कानूनी मामलों और पासपोर्ट अनियमितताओं के बहाने पैसे ट्रांसफर करवाते थे.

सीबीआई ने इस मामले की गहन जांच करते हुए डिजिटल सबूत, वित्तीय लेनदेन और संचार माध्यमों का विश्लेषण किया. जांच पूरी होने के बाद 22 दिसंबर 2020 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी.

अदालत ने माना कि आरोपियों ने जो कृत्य किए, वे विश्वास का गंभीर उल्लंघन थे, खासकर तब जब उन्हें कानूनी और पेशेवर जिम्मेदारियां निभानी चाहिए थीं.

कोर्ट का यह फैसला ऐसे मामलों के खिलाफ सख्त संदेश है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म और पेशेवर जानकारी का दुरुपयोग कर निर्दोष नागरिकों, खासकर विदेश में बसे भारतीयों को ठगते हैं. अदालत ने ट्रायल के बाद दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और 2.5 साल की सजा सुनाई.

-भारत एक्सप्रेस 



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