Bharat Express DD Free Dish

एमटेक प्रमोटर अरविंद धाम की सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज, 2700 करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में ईडी की कार्रवाई जारी

2700 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे एमटेक प्रमोटर अरविंद धाम ने सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद अपनी अंतरिम जमानत याचिका वापस ली.

Court

2700 करोड़ के बैंक फ्रॉड के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार एमटेक के प्रमोटर अरविंद धाम ने सुप्रीम कोर्ट के कड़ी फटकार के बाद दायर अंतरिम जमानत याचिका को वापस ले लिया है. जस्टिस संदीप मेहता की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि सभी तर्क हमारे सामने है. हम याचिकाकर्ता की रणनीति से बिल्कुल प्रभावित नही है.

कोर्ट ने कहा कि आपकी याचिका को तीन जजों की बेंच ने पहले ही खारिज कर दिया है. अब आप छुट्टी में फिर राहत पाने की कोशिश कर रहें है. जिसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट से याचिका को वापस लेने की अनुमति मांगी. कोर्ट ने उन्हें अनुमति देते हुए याचिका को खारिज कर दिया.ईडी के मुताबिक कंपनी और उसके डायरेक्टर अरविंद धाम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है.

पहले भी खारिज हो चुकी है याचिका

हाई कोर्ट ने मामले की जांच के लिए ईडी को अनुमति दी थी. सीबीआई ने IDBI बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की लिखित शिकायत के बाद दर्ज किया है. ईडी गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने M/s ACIL लिमिटेड और ग्रुप की अन्य कम्पनियों के मामले में पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत पिछले साल 9 जुलाई को अरविंद धाम को गिरफ्तार किया था.

सितंबर में ईडी ने धन शोधन निरोधक कानून के तहत फार्म हाउस, राज्यों में सैकड़ो एकड़ कृषि और औद्योगिक भूमि तथा 5000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर और डिबेंचर जब्त किया है. इसमें एमटेक के अन्य कम्पनियों में एआरजी लिमिटेड, एसीआईअल लिमिटेड, मेटालिस्ट फोर्जिंग लिमिटेड और कैस्टेक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड शामिल है.

फार्म हाउस, जमीनें, और शेयर जब्त—5000 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ईडी जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने अपनी समूह कंपनियों को दिवालियापन में ले जाने के लिए वित्तीय विवरणों में हेराफेरी की और नकली संपत्तियां बनाई थी. इन कंपनियों के समाधान के दौरान बैंकों को 80 % से अधिक हेयरकट लेना पड़ा था.

20 जून को ईडी ने 20000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े बैंक धोखाधड़ी के मामले में एमटेक समूह के खिलाफ दिल्ली, एनसीआर और महाराष्ट्र में 35 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें सूचिबद्ध कंपनियों की संख्या 1000 करोड़ रुपये से अधिक थी, जिन्हें अंततः एनसीएलटी की कार्यवाही में मामूली कीमत पर ले लिया गया था, जिससे बैंकों के संघ को मामूली वसूली हुई. ईडी के मुताबिक कथित धोखाधड़ी से सरकारी खजाने को लगभग 10-15 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट के सिविल जज भर्ती फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर, तीन साल की प्रैक्टिस अनिवार्यता पर सवाल

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read