पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के नेता एएस इस्माइल की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जेल प्रशासन ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या पीएफआई नेता का ईलाज जेल में हो सकता है? कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या जेल के अंदर ही फिजियोथेरेपी दी जा सकती है. इस्माइल ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखा है.
हाई कोर्ट ने इस्माइल को यह कहते हुए अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था कि ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है. इस्माइल को गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) 1967 के तहत गिरफ्तार किया गया था. इस्माइल ने मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की मांग की थी.
इस मामले में दाखिल पांचवे चार्जशीट राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के 12 सदस्यों सहित 19 लोगों के खिलाफ दाखिल किया जा चुका है. यह मामला देश में इस्लामिक खिलाफत की स्थापना के लिए युद्ध छेड़ने की साजिश में कथित संलिप्तता से जुड़ा है. NIA के मुताबिक देश भर में पीएफआई मामलों में अब तक 105 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जा चुका है.
यूएपीए के तहत गिरफ्तारी, साजिश का आरोप
NIA ने आईपीसी और यूएपीए अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पीएफआई सदस्यों के साथ कैडरों के खिलाफ चार्जशीट दायर की और उनकी पहचान ओएमए सलाम, ईएम अब्दुल रहमान, अनीस अहमद, अफसर पाशा, वीपी नजीरुद्दीन, ई अबूबकर, प्रो. पी कोया, मोहम्मद अली जिन्ना, अब्दुल वाहिद सैत, ए एस इस्माइल, एडवोकेट मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद बशीर, शफीर के पी, जसीर के पी, शाहिद नासिर, वसीम अहमद, मोहम्मद शाकिफ़, मोहम्मद फारूक उर रहमान और यासर अराफात उर्फ यासिर हसन के रूप में हुई है. इससे पहले मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पीएफआई के तीन नेताओं को जमानत दे दिया था.
पीएफआई दिल्ली के अध्यक्ष परवेज अहमद, पीएफआई दिल्ली के महासचिव मोहम्मद इलियास और अब्दुल मुकीट को जमानत दिया था. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि अपराध की आय कथित आपराधिक गतिविधि के परिणामस्वरूप अर्जित होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध नहीं बनता है.
NIA ने आरोप लगाया है कि इस्माइल एक साजिश में शामिल थे, जिसमें मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर भारत सरकार और उन संगठनों के नेताओं के खिलाफ भड़काया गया, जो भारत में इस्लामी शासन की स्थापना में विश्वास नही करते. इस्माइल पहले प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से जुड़े थे, पीएफआई के तमिलनाडु अध्यक्ष रहे और बाद में इसके राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के सदस्य बने.
-भारत एक्सप्रेस
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