इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म, लूट और धमकी जैसे आरोपों से जुड़े एक मामले की अपराधिक कार्यवाही समझौते के आधार पर रद्द कर दी है. साथ ही दोनों पक्षों पर दो दो हजार रुपए का हर्जाना लगाया है.
यह आदेश न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने बदायूं के मुनीश व अन्य दो की याचिका दिया है. मामले के मुताबिक पीड़िता ने याचियों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार, लूट व धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था. ट्रायल के दौरान पक्षकारों में समझौता हो गया. इसके बाद याची हाईकोर्ट आए. कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए याचियों के खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द कर दिया.
कहा कि आज कल झूठे मुकदमे दर्ज करवा मुकरने का प्रचलन बढ़ गया है. इसे कोर्ट नजरअंदाज नहीं कर सकतीं लिहाजा, समझौते के आधार पर मुकदमा तो रद्द किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए पक्षकारों को दो दो हजार रूपये तीन सप्ताह में हाईकोर्ट विधिक सेवा प्राधिकरण में बतौर हर्जाना जमा करना होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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