प्रयागराज स्थित स्वरुप रानी नेहरू अस्पताल का विस्तार किया जाएगा. 1250बेड से बढ़ाकर 2000बेड का अस्पताल बनाया जायेगा. यह जानकारी प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग उ प्र पार्थसारथी सेन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को दी.
विस्तार के लिए जिलाधिकारी प्रयागराज को अस्पताल के आसपास की जमीन उपलब्ध कराने का पत्र भेजा गया है और जिलाधिकारी ने भी शीघ्र ही प्रमुख सचिव के पत्र पर कार्रवाई का आश्वासन दिया.
हाईकोर्ट में प्रमुख सचिव ने दी विस्तार की जानकारी
यह भी बताया कि प्रदेश के 42 मेडिकल कालेजों व संबद्ध अस्पतालों की सुविधाओं में सुधार किया गया है. कुछ कालेजों का स्वयं निरीक्षण किया है और एक हफ्ते में एक टीम गठित कर सभी कालेजों व अस्पतालों का निरीक्षण कर कोर्ट को रिपोर्ट दी जायेगी.
डा अरविंद गुप्ता की याचिका की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने प्रमुख सचिव को सरकार द्वारा अस्पतालों व मेडिकल कालेजों में सुधार के कदमों की जानकारी के साथ तलब किया था. उन्होंने व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी.
प्रमुख सचिव ने बताया कि मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज को अपग्रेड किया जा रहा है. इसे मेडिकल इंस्टीट्यूट बनाने पर सरकार विचार कर रही है. स्वरुप रानी नेहरू अस्पताल के आस-पास की कुछ खाली जमीन को अस्पताल के लिए लिया जायेगा.
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार ने कसी कमर
अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डा राज बहादुर कमल ने बताया कि 15मई कोर्ट आदेश के बाद कई कार्य किए गए हैं.और काम अभी भी जारी है।जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं. ओ पी डी पूरी तरह से काम करें कोशिश की जा रही है. प्रयागराज के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मंडर ने कहा स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जायेगी।नगर आयुक्त ने अस्पताल की साफ सफाई में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया. पुलिस कमिश्नर ने कहा अस्पताल परिसर में पुलिस पिकेट तैनात की जायेगी.
मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जाएगी
न्यायमित्र ईशान देव गिरी व प्रभूति कांत त्रिपाठी ने बताया कि मेडिकल कालेज में 8जून को रोक के बावजूद कार्यक्रम किया गया. फोटोग्राफ दाखिल किया. कोर्ट ने कालेज परिसर में शादी समारोह या निजी कार्यक्रम करने पर रोक लगा रखी है.सी एम ओ ने कहा कि एलुमनी एसोसिएशन भवन में एक कार्यक्रम हुआ था. कोर्ट ने कालेज प्राचार्य से हलफनामा मांगा है और पूछा है कि कार्यक्रम किसी का निजी था या नहीं.
कोर्ट ने कालेज परिसर में निजी कार्यक्रमों पर जताई नाराजगी
याचिका की अगली सुनवाई 22जुलाई को होगी.सी एम ओ प्रयागराज व डा राज बहादुर कमल के अलावा अन्य अधिकारियों की पेशी कोर्ट ने माफ कर दी है. इन दोनों अधिकारियों को सहयोग के लिए सुनवाई के समय मौजूद रहने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने कहा अगली सुनवाई की तिथि पर जी एस वी एन एम एल कानपुर व लाला लाजपत राय अस्पताल कानपुर की सुविधाओं पर विचार किया जाएगा. सुनवाई 22जुलाई को होगी.
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