दिल्ली हाईकोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
गैंगेस्टर नीरज बवाना की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेट्स रिपोर्ट देने को कहा है. नीरज बवाना ने अस्पताल में भर्ती अपनी पत्नी के ईलाज के लिए पैसे जुटाने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की हैं.
हाई कोर्ट ने बवाना को बीमार पत्नी को देखने के लिए एक जुलाई को कस्टडी पैरोल दिया था. जिसके बाद उसे भारी सुरक्षा के बीच अस्पताल लाया गया. नीरज बवाना की पत्नी के ब्रेन में नर्व ब्लॉकेज है. जिसका इलाज चल रहा है. कुख्यात गैंगेस्टर नीरज बवानिया को दिल्ली हाई कोर्ट से मामूली राहत मिल गई है. नीरज बावनिया को दिल्ली हाई कोर्ट ने एक दिन के लिए कस्टडी पैरोल दिया है. ताकि वह अस्पताल में भर्ती बीमार पत्नी को देख सके.
पत्नी के इलाज के लिए मांगी अंतरिम जमानत
बावनिया ने बीमार पत्नी को देखने के लिए कोर्ट से अंतरिम जमानत की मांग की थी. बावनिया कि पत्नी अस्पताल में भर्ती हैं. इससे पहले बावनिया की ओर से दायर जमानत याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि जेल वाहन जैसी छोटी जगह जहां पर सुरक्षाकर्मी भी होते हैं, वहां हुई ये घटना असाधारण दुस्साहस वाली है.वर्ष 2015 में जेल वैन में दो कैदियों की दोहरी हत्या के मामले में आरोपी है. जिसके मामले में 25 अगस्त 2015 को एफआईआर दर्ज किया गया था.
दरअसल रोहिणी कोर्ट के लॉकअप से 9 विचाराधीन कैदियों को जेल वैन में बिठाकर तिहाड़ जेल वापस लाया जा रहा था. तभी वैन के अंदर मौजूद कैदियों के बीच झगड़ा हो गया. इसमें विक्रम और प्रदीप नामक दो कैदियों की मौत हो गई. उसी वैन में नीरज बावनिया भी मौजूद था.
बावनिया पर आरोप है कि उसने विक्रम और प्रदीप पर हमला करते हुए उनके गमछों से ही गला घोंट कर हत्या कर दी. इससे पहले हुई सुनवाई में नीरज बावनिया की ओर से पेश वकील ने कहा कि आरोपी 9 सालों से अधिक समय.से जेल में बंद है. अभी तक यह साफ नही हो पाया है कि इस मामले में चल रहा ट्रायल कब तक खत्म होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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