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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- ‘क्रिप्टो करेंसी में लेन-देन से देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है’

कोर्ट ने कहा है कि क्रिप्टो करेंसी में लेन-देन से देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है. क्योंकि इससे वास्तविक धन गुमनाम, अज्ञात और अप्राप्य धन में विलीन हो जाता

delhi high court

क्रिप्टो करेंसी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि क्रिप्टो करेंसी में लेन-देन से देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है. क्योंकि इससे वास्तविक धन गुमनाम, अज्ञात और अप्राप्य धन में विलीन हो जाता है. जस्टिस गिरीश कठपालिया ने उक्त टिप्पणी करते हुए क्रिप्टो करेंसी से संबंधित भ्रष्टाचार के एक मामले में एक व्यवसायी को ज़मानत देने से इनकार कर दिया.

अदालत ने कहा कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ काफी गंभीर आरोप हैं. उसके खिलाफ इसी तरह के 13 और मामलों हैं. उन्होंने यह कहते हुए दुबई स्थित क्रिप्टो करेंसी कंपनी प्लूटो एक्सचेंज के खिलाफ मामले में आरोपी को जांच अधिकारी या निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया.

आरोपी उमेश वर्मा को दिसंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और वह इस मामले में अंतरिम ज़मानत पर था. कोर्ट ने कहा कि क्रिप्टो करेंसी की मान्यता रद्द होने के बाद भी इस तरह से धन इकट्ठा करना उसके दुर्भावना कृत्य को दर्शाता है.

उसने प्रथम दृष्टया पाया कि आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी में अपने निवेश पर 20 से 30 प्रतिशत का रिटर्न दिलाने का सुंदर चित्र दिखाकर 61 निवेशकों को ठगा और यह सिलसिला उसने क्रिप्टो करेंसी की मान्यता रद्द होने के बाद भी भोले-भाले लोगों के खिलाफ जारी रखा. उसकी बड़ी संपत्ति, साथ ही वर्तमान मामले में अपराध की प्रकृति व व्यापकता तथा लंबी कैद की संभावना वाले 13 अन्य मामले अभियोजन पक्ष की इस आशंका को बल देते हैं कि आरोपी के फरार होने का खतरा है.


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-भारत एक्सप्रेस



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