प्रतीकात्मक तस्वीर: कच्चा तेल
Modi Diplomacy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में मौलिक परिवर्तन किए हैं. एक समय जब भारत एक ऊर्जा आयातक था, आज वह वैश्विक तेल मार्केट में एक निर्णायक प्रभावक के रूप में उभरा है. मोदी सरकार की दूरदर्शी ऊर्जा नीति – चित्रित करती है आयात विविधीकरण, स्वदेशी रिफाइनिंग विस्तार और ऊर्जा सुरक्षा – ने भारत को नया मुकाम दिया है.
मोदी के सत्ता में आने पर (2014) भारत मध्य पूर्व पर अत्यधिक निर्भर था, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार‑चढ़ाव और रिफाइनिंग क्षमता सीमित थी. इसके जवाब में, सरकार ने घरेलू रिफाइनिंग क्षमता वृद्धि, वैकल्पिक ईंधन में निवेश और सौर व बायो ईंधन प्लेटफार्मों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया. आज भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है जिसका क्षमता 250 मिलियन मैट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक है, और यह यूरोप, अफ्रीका समेत कई बाजारों में पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात करता है.
तेल उत्पादों को यूरोप में किया निर्यात
रूस‑यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच, भारत ने रूस से कच्चा तेल छूट दर पर खरीदकर घरेलू रिफाइनरों में परिवर्तित किया और उत्पादों को यूरोप में निर्यात किया. इस रणनीतिक कदम ने वैश्विक तेल की कीमतों को $130 प्रति बैरल से ऊपर न जाने देने में सहायता की और भारत को सफलतापूर्वक पश्चिमी दबाव से आत्मनिर्भरता बनाए रखने की क्षमता प्रदान की. विदेश सचिव विक्रम मिश्रा और सेवा मंत्री हितार्थ सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोपरि रखेगा और पश्चिमी दबाव में नहीं आएगा.
ऊर्जा तंत्र अधिक स्थिर और विविध बना
भारत ने आयात स्रोतों को 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक फैला दिया है, जिससे ऊर्जा तंत्र अधिक स्थिर और विविध बना है. ऊर्जा कूटनीति के चलते भारत ने वैश्विक तेल मांग वृद्धि में लगभग 16% योगदान दिया है और अगले 20 वर्षों में यह बढ़कर 25% तक पहुँचने की संभावना है, जैसा कि IEA द्वारा अनुमानित है. इसके अलावा, भारत ईंधन निर्यात और ऊर्जा प्लेटफार्मों के माध्यम से दक्षिण ग्लोबल पक्षों के लिए ऊर्जा पहुंच, ऊर्जा संक्रमण और जलवायु न्याय जैसे मुद्दों पर नेतृत्व कर रहा है. ISA (International Solar Alliance) और Global Biofuel Alliance जैसे मंचों पर नेतृत्त्व देते हुए वह कोयले और तेल के दशकोपरांत ऊर्जा नेतृत्व की दिशा में बढ़ रहा है.
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