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भारत का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन बना दुनिया के लिए रोल मॉडल, विश्व में कायम किया सुशासन का मानक

भारत का डिजिटल सुशासन मॉडल अब विश्व के लिए प्रेरणा बन रहा है. तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता, कुशलता और विकास को बढ़ावा देकर भारत ने वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाई है.

Digital India

Digital India: 17 नवंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेज़बानी में आयोजित दूसरे वॉइस ऑफ़ द ग्लोबल साउथ वर्चुअल शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया. 17 अगस्त 2024 को तीसरे शिखर सम्मेलन में नई तकनीकों की चुनौतियों और साउथ-साउथ कोऑपरेशन के तहत तकनीकी हस्तांतरण की आवश्यकता पर चर्चा हुई. पीएम मोदी द्वारा प्रस्तावित चार स्तंभों में से एक टेक्नोलॉजी शेयरिंग था. इससे स्पष्ट है कि भारत न केवल अपनी उपलब्धियों और अनुभव को साझा करने को तैयार है, बल्कि अन्य देशों से सीखने के लिए भी उत्सुक है.

भारत की डिजिटल यात्रा के प्रमुख पड़ाव

  • डिजिटल इंडिया पहल – 2015 में शुरू हुई, जिसका लक्ष्य भारत को डिजिटली सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना था.
  • डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) – आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर और ई-साइन ने सेवा वितरण में क्रांति ला दी.
  • डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) – लाभार्थियों तक सीधी और पारदर्शी सहायता पहुंचाने का प्रभावी माध्यम.
  • एआई का शासन में उपयोग – शिकायत निवारण, स्वास्थ्य और कृषि में भविष्यवाणी आधारित सेवाएं देने में मदद.

डिजिटल परिवर्तन में संस्थागत भूमिका

  • डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) – पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए नीतियां और कौशल विकास.
  • नेशनल इन्फ़ॉरमैटिक्स सेंटर (NIC) – शासन में AI, ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स का समावेश.
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्मार्ट गवर्नेंस (NISG) – केंद्रीय और राज्य स्तर पर डिजिटल बदलाव का रणनीतिक सहयोगी.
  • डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल (DBIM) – सरकारी वेबसाइटों और ऐप्स के लिए एकीकृत और सहज अनुभव.

समाज और शासन पर प्रभाव

  • पारदर्शिता – ई-गवर्नेंस से भ्रष्टाचार में कमी और जनता का विश्वास बढ़ा.
  • दक्षता – सेवाएं 24×7 उपलब्ध, कागज़ी प्रक्रिया में कमी और तेज़ निपटारा.
  • समावेशिता – बहुभाषी और AI आधारित प्लेटफ़ॉर्म से वंचित वर्गों तक सेवाएं.
  • पर्यावरण लाभ – पेपरलेस ऑफिस और कार्बन फुटप्रिंट में कमी.

उल्लेखनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म

  • MyGov.in – नीति निर्माण में नागरिक सहभागिता का मंच.
  • POSHAN ट्रैकर – आंगनवाड़ी सेवाओं की रियल-टाइम निगरानी.
  • DIKSHA – स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म.
  • AYUSH सूचना हब – आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी आदि की प्रामाणिक जानकारी.
  • UMANG – एक ही ऐप पर 1200+ सरकारी सेवाएं.
  • National AI Portal – AI विषयों पर ज्ञान का मुख्य स्रोत.
  • Chic-CAD Plus – कारीगरों के लिए डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर.

भारत का मॉडल दुनिया के लिए बना उदाहरण

भारत का डिजिटल गवर्नेंस मॉडल कई देशों में अपनाया जा रहा है.
UPI – भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर और फ्रांस में सक्रिय.
नामीबिया ने UPI लाइसेंस अपनाने वाला पहला देश बना.

कई अफ्रीकी, एशियाई और लैटिन अमेरिकी देश DPI और India Stack मॉडल में रुचि दिखा रहे हैं. भारत डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुशासन और विकास का अनुभव वैश्विक साझेदारों के साथ साझा कर रहा है. साथ ही, अन्य देशों के सफल अनुभवों को अपनाकर अपने नागरिकों के हित में कार्य कर रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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