दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के महिला शौचालय में सेनेटरी पैड को लेकर वेंडिंग मशीन नहीं होने के मामले में डीएमआरसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है. कोर्ट डीएमआरसी से दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है. कोर्ट 24 सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
अदालत ने डीएमआरसी से पूछा है कि किन-किन मेट्रो स्टेशनों पर सेनेटरी पैड को लेकर कितने वेंडिंग मशीनें लगी है और उसमें कितने कर्मचारी कार्यरत है. कोर्ट ने यह भी पूछा कि उन स्टेशनों पर कितने डिस्पोजल यूनिट है. इन सभी का विवरण देने को कहा है.
मामले की सुनवाई के दौरान डीएमआरसी की ओर से पेश वकील ने कहा कि डीएमआरसी केवल परिवहन व्यवस्था, योजना, निर्माण और ट्रेन के संचालन को देखता है. वर्तमान मुद्दों पर जवाब देने के लिए उसे कुछ समय दिया जाए. अदालत ने इस पर मौखिक रूप से पूछा कि मेट्रों स्टेशनों पर शौचालयों का संचालन व रखरखाव कौन करता है? इसपर वकील ने कोर्ट को बताया कि यह डीएमआरसी का काम है.
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अदालत ने कहा कि तो फिर आप यह क्यों कहा रहे हैं कि आपको सिर्फ मेट्रों चलाने की चिंता है? क्या शौचालय का रख रखाव करना आपका दायित्व नहीं है? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता निखिल गोयल ने कहा कि 286 मेट्रों स्टेशनों में से 40 स्टेशनों पर वेंडिंग मशीनें हैं, जिसमें से छह-सात काम कर रहे हैं. इससे महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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