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लॉरेंस बिश्नोई, अमन साहू के करीबी सुनील मीणा को अजरबैजान से रांची लेकर आई ATS की टीम

झारखंड ATS ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के करीबी सुनील मीणा को अजरबैजान से रांची प्रत्यर्पित कराया है. उस पर हत्या, रंगदारी और गोलीबारी जैसे 48 से ज्यादा केस दर्ज हैं.

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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और झारखंड के मृत अपराधी अमन साहू के एक करीबी सहयोगी को रांची लाया गया है. झारखंड एटीएस के एसपी ऋषभ झा के नेतृत्व में एक टीम उसे अज़रबैजान से रांची लेकर आई.

एयरपोर्ट से सुनील मीणा को एटीएस मुख्यालय ले जाया गया. कोर्ट में पेश करने के बाद मीणा को रिमांड पर लेकर पूछताछ किया जाएगा.

झारखंड में 48 मामले दर्ज हैं, सबसे अधिक हजारीबाग में

गौरतलब है कि सुनील मीणा पर झारखंड के विभिन्न जिलों में कुल 48 मामले दर्ज हैं. इनमें से सबसे अधिक मामले हजारीबाग में हैं जहां बड़कागांव, केरेडारी, कोर्रा और हजारीबाग सदर जैसे पुलिस स्टेशनों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं.

इसके अलावा उसके खिलाफ रांची, रामगढ़, पलामू और गिरिडीह में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं. राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का रहने वाला मीणा लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सबसे विश्वसनीय सदस्यों में से एक माना जाता है. उसके खिलाफ रायपुर और राजस्थान में भी मामले दर्ज हैं.

मलेशिया में आया था लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में

जानकारी के मुताबिक सुनील मीणा ने मलेशिया में काम करना शुरू किया जहां वह रोहित गोदारा, गोल्डी बरार और संपत नेहरा के जरिये लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आया.

उसने मलेशिया से ही अपनी आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं. आरोप है कि उसने लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर राजस्थान और पंजाब में हत्या, जबरन वसूली और गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया.

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प्रत्यर्पण में महत्वपूर्ण रही झारखंड ATS की भूमिका

झारखंड एटीएस की लंबी और सुनियोजित कार्रवाई के कारण ही सुनील मीणा का प्रत्यर्पण संभव हो पाया. रामगढ़ के भदानीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले (कांड संख्या 175/22) में जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर सुनील मीणा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था.

इसी नोटिस के आधार पर उसे 29 अक्टूबर 2024 को अजरबैजान में हिरासत में लिया गया. इसके बाद अजरबैजान ने भारत से प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दस्तावेज मांगे.

झारखंड एटीएस ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से ये दस्तावेज उपलब्ध कराए जिसके आधार पर अजरबैजान की राजधानी बाकू के एक आपराधिक न्यायालय में सुनील मीणा के खिलाफ मुकदमा चला. 27 जनवरी 2025 को अदालत ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति दी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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