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Badariya: दिल्‍ली में होगा मानसून की विदाई का अनोखा सांस्कृतिक उत्सव, CM रेखा गुप्ता समेत ये हस्तियां करेंगी शिरकत

Badariya Festival 2025: राजधानी दिल्ली में 1 सितंबर को मानसून की विदाई का एक सांस्कृतिक उत्सव ‘बदरिया फेस्टिवल’ होगा. इसमें संगीत और नृत्य, प्रदर्शनी दिखेंगी. सीएम रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि होंगी.

Badariya festival delhi

Cultural Event In Delhi: मानसून की विदाई को एक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में सेलिब्रेट करने के लिए राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में ‘बदरिया: ए मॉनसून फेयरवेल फेस्टिवल’ का आयोजन किया जा रहा है. यह अनोखा फेस्टिवल माता चकेरी देवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसे दिल्ली सरकार की मैथिली-भोजपुरी अकादमी करा रही है. भारत एक्सप्रेस के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय इसके संरक्षक (ट्रस्टी) हैं.

यह फेस्टिवल 1 सितंबर 2025 को सोमवार के दिन कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क (गेट नंबर 6) में शाम 4 बजे से शुरू होगा. यह कार्यक्रम संगीत, नृत्य और प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय लोक परंपराओं की समृद्धि को प्रदर्शित करेगा, जो वर्षा ऋतु की भावनात्मक, आध्यात्मिक और कलात्मक गहराई को उजागर करेगा.

‘बदरिया’ की प्रेरणा और उद्देश्य

इस फेस्टिवल की प्रेरणा भारतीय परंपरा में मानसून के सांस्कृतिक महत्व से ली गई है. कलिदास के ‘मेघदूत’ जैसे साहित्य से लेकर लोक गीतों तक, मानसून खुशी, विरह और सृजन का प्रतीक रहा है. ‘बदरिया’ इसी भावना को जीवंत करेगा, जहां सावन-भादो के पारंपरिक गीत, लोक नृत्य और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां होंगी. आयोजकों का कहना है कि यह फेस्टिवल शहरी दर्शकों को ग्रामीण जीवन, शिल्पकला और रस्मों की झलक दिखाएगा, साथ ही भारत की जीवंत विरासत को संरक्षित करने का प्रयास करेगा. माता चकेरी देवी फाउंडेशन की वेबसाइट (https://matachakeridevifoundation.com/badariya/) पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह एक सामुदायिक उत्सव है जो कलाकारों, परिवारों और उत्साही लोगों को एक मंच पर लाएगा.

ये होंगे मुख्य अतिथि और कलाकार

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उपस्थित रहेंगी, जबकि सम्माननीय अतिथि के रूप में कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा शामिल होंगे. इनकी मौजूदगी फेस्टिवल को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी. कलाकारों की सूची में पद्मश्री मालिनी अवस्थी थुमरी, कजरी और अन्य लोक धुनों की प्रस्तुति देंगी. मैथिली लोक गायक कुंज बिहारी मिश्रा बिहार की सांस्कृतिक जड़ों को आवाज देंगे. समृद्धि पाठक और संवी पाठक मैथिली लोक गीत गाएंगी. वाद्य यंत्रों में सुश्री रिम्पा शिव तबला, सुश्री वैष्णवी जोशी बांसुरी और सुश्री मेघा राउत सितार बजाएंगी. नृत्य प्रस्तुतियों में नयनिका घोष एवं टीम द्वारा कथक-रास फ्यूजन और अंशु आर्ट/पुष्पांजलि ग्रुप द्वारा मैथिली एवं भोजपुरी लोक नृत्य शामिल हैं. ये प्रस्तुतियां बिहार और उत्तर प्रदेश की विरासत को जीवंत करेंगी.

विरासत पुनरुद्धार और जुड़ाव

इस फेस्टिवल को भारत एक्सप्रेस, माटी ए पब्लिक ट्रस्ट, युवा शक्ति संवाद और एसआरकेआर जैसी संस्‍थाएं करवाएंगी. विशेष रूप से, भारत एक्सप्रेस के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय इस फेस्टिवल के संरक्षक (ट्रस्टी) हैं. उनकी भूमिका सांस्कृतिक संरक्षण में महत्वपूर्ण है, जो मीडिया के माध्यम से लोक परंपराओं को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी. आयोजन समिति का नेतृत्व योगिता सिंह कर रही हैं, जो फाउंडेशन की अध्यक्ष और एमसीडी सेंट्रल जोन की चेयरमैन हैं. अन्य सदस्यों में प्रमोद कुमार (सचिव), बृजेश राय (संस्थापक), संतोष कुमार ओझा (ट्रस्टी), अपूर्वा सिंह (ट्रस्टी) शामिल हैं. यह टीम विरासत पुनरुद्धार और समुदाय जुड़ाव के प्रति समर्पित है.

इस फेस्टिवल के ब्रोशर में कलाकारों की तस्वीरें, समर्थकों के लोगो और मानसून थीम वाली कलाकृतियां शामिल हैं, जो कार्यक्रम की जीवंतता को दर्शाती हैं. पंजीकरण फॉर्म से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अब तक कई मेहमान और वॉलंटियर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें कुणाल नाथ माधव, प्रमोद कुमार, शाश्वत सिंह जैसे नाम शामिल हैं. यह दर्शाता है कि फेस्टिवल को व्यापक रुचि मिल रही है.

सांस्कृतिक महत्व और प्रभाव

‘बदरिया’ न केवल एक उत्सव है, बल्कि सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है. दिल्ली जैसे व्यस्त शहर में यह कार्यक्रम लोगों को प्रकृति, संगीत और परंपरा से जोड़ेगा. आयोजकों का मानना है कि ऐसे फेस्टिवल भारतीय विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करेंगे. यदि आप सांस्कृतिक अनुभव चाहते हैं, तो 1 सितंबर को सेंट्रल पार्क पहुंचें और मानसून की विदाई का जश्न मनाएं. अधिक जानकारी के लिए दीपाली से 7982312220 पर संपर्क किया जा सकता है.

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