लश्कर ने खुद गिराया हेडक्वार्टर
Lashkar e Taiba Headquarter: पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया. इसमें आतंकियों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया. इससे मानों आतंक के आकाओं की कमर टूट गई. 7 मई को हुए हवाई हमले ने लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय मरकज तैयबा को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया था. पाकिस्तान की सरकार ने वादा किया था कि वह इन इमारतों का पुनर्निर्माण करेगी. अब आतंकी संगठन खुद इसे गिरा रहा है. आखिर, लश्कर-ए-तैयबा अपने ठिकाने को क्यों गिरा रहा है. आइये जानते हैं.
मरकज तैयबा का एक वीडियो सामने आया है इसमें देखा जा सकता है कि लश्कर ने भारतीय हमले में क्षतिग्रस्त हुई अपनी इमारतों को खुद ही जेसीबी से ढहा दिया है. उन्हें अपने ठिकाने को फिर से खड़ा करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है.
हेडक्वार्टर पर हुई थी स्ट्राइक
मरकज तैयबा लश्कर ए तैयबा (Lashkar e Taiba) का मुख्यालय पाकिस्तान के मुरिदके में स्थित है. इस परिसर में आतंकियों की ट्रेनिंग, रहने और हथियार रखने की व्यवस्था थी. भारतीय एयरफोर्स ने 7 मई 2025 को इस परिसर पर स्ट्राइक की, जिसमें तीन इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं. इनमें एक लाल रंग की दो मंजिला इमारत और दो पीले रंग की इमारतें शामिल थीं, जिनका इस्तेमाल आतंकियों की ट्रेनिंग और रहने के लिए किया जाता था.
#BREAKING : LeT Begins Reconstruction of Damaged headquarter Following Operation Sindoor Strike
In the aftermath of Operation Sindoor Strike, the Lashkar-e-Taiba (LeT) has reportedly demolished the damaged remains of its Markaz Taiba headquarters.
According to intelligence… pic.twitter.com/yZZoyqgwU9
— upuknews (@upuknews1) September 7, 2025
फिर से आतंकी ठिकाना बनाने की कोशिश
भारतीय एयरफोर्स की स्ट्राइक में तीन इमारतें 70 फीसदी तक क्षतिग्रस्त हो गई थीं. अब लश्कर ए तैयबा ने इन इमारतों को ढहाकर नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू किया है. इसके लिए लश्कर ए तैयबा ने 18 अगस्त से क्षतिग्रस्त इमारतों को ढहाने का काम शुरू किया था. अब तक ‘उम उल क़ुरा’ नामक पीले रंग की इमारत और लाल रंग की तीन मंजिला इमारत को ढहा दिया गया है. परिसर का 1.09 एकड़ का क्षेत्र अब मलबे में तब्दील हो चुका है.
सूत्रों के मुताबिक, लश्कर ए तैयबा (Lashkar e Taiba) 5 फरवरी 2026 से पहले अपने हेडक्वार्टर का एक हिस्सा बनाकर तैयार करना चाहता है, ताकि वह अपने टॉप कमांडर्स की मौजूदगी में कश्मीर के जिहाद के लिए मनाए जाने वाला अपना सालाना कार्यक्रम आयोजित कर सके.
पाकिस्तान की हिम्मत में आई कमी
भारत की स्ट्राइक के बाद लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar e Taiba) ने अपने ठिकाने को फिर से बनाने का काम शुरू कर दिया है और उनकी कोशिश है कि 5 फरवरी तक एक हिस्सा बनकर तैयार हो जाए. लेकिन इस पूरी घटना से यह साफ हो गया है कि भारतीय वायुसेना के हमले ने लश्कर को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसकी वजह से उन्हें अपना ही मुख्यालय गिराने के लिए मजबूर होना पड़ा. यह एक बार फिर साबित करता है कि पाकिस्तान की जमीन पर चल रहे आतंकी ठिकानों पर भारत की कड़ी नजर है और भारत के सख्त रुख के कारण पाकिस्तान अब आतंकियों को सीधे तौर पर समर्थन देने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है.
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