Asha Birthday Special: आशा भोसले ने हिंदी सिनेमा को 80 सालों तक एक से बढ़कर एक गाने दिए है. उनकी आवाज सुनते ही ऐसा लगता है मानों कानों में किसी ने मिल्री घोल दी हो, जिन्होंने हर संगीत के हर शैली चाहे वो पॉप सॉन्ग हो, गजल हो, भजन हो, या फिर क्लासिकल और फोक सभी को गाया है, जिन्हें न केवल 70 से 90 के दशक के लोग सुनते है बल्कि आज के युवा भी उनकी आवाज सुनकर मंत्रमुग्ध हो जाते है.
आशा भोसले न केवल एक सिंगर बल्कि बतौर एक्ट्रेस भी काम किया है. इसके साथ वो एक इंटरप्रेन्योर और टीवी पर्सनैलिटी भी हैं. अपने 80 साल के करियर में उन्होंने 20 हजार भारतीय और फॉरेन लैंग्वेज में करीब 12 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं.
9 साल की उम्र में छुटा पिता का साया
आशा भोसले का जन्म सांगली के एक छोटे से गांव गोआर में हुआ था, जो उस समय सांगली की शाही रियासत का हिस्सा था. आशा भोसले के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक मशहूर थिएटर एक्टर एवं क्लासिकल सिंगर थे और मां शेवंती संगीत परिवार से थी. आशा भोसले स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं. 9 साल की उम्र में इनके सर से पिता का साया हट गया, जिसके चलते पुरा परिवार पुणे से कोल्हापुर और फिर मुंबई आ गया था और बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर परिवार का भार अपने कंधो पर ले लिया.
आशा भोसले ने घर चलाने के लिए फिल्मों में गाना और एक्टिंग करना शुरू किया था. आशा भोसले ने मराठी फिल्म माझा बाल (1943) में अपना पहला फिल्मी गाना चला चला नव बाला.. गाया था. उन्होंने हिंदी फिल्मों में अपनी शुरुआत हंसराज बहल की फिल्म चुनरिया (1948) के लिए सावन आया.. गाने से की थी. इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने अपने आवाज से लोगों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ती चली गई.
31 वर्ष के आदमी से भागकर की शादी
1949 में जब वो 16 साल की हुई, तो उन्होंने गणपतराव भोसले जिनकी उम्र 31 वर्ष थी, के साथ भागकर शादी करली. गणपतराव भोसले लता मंगेशकर के सेक्रेटरी थे. जिसके कारण बहन लता मंगेशकर उनसे नाराज होकर नाता तोड़ दिया. उनके पहली बार मां बनने पर उन्हें परुवार द्वारा अपनाया गया. लेकिन गणपतराव ऐसा नही चाहते है, इसलिए उन्होंने आशा भोसले को परेशान करना शुरू कर दिया. 1960 में दोनो अलग हो गए जिसके बाद आशा ने अपने तीनो बच्चों की अकेले परवरिश की. इसके बाद आशा को संगीतकार राहुल बर्मन से प्यार हो गया और उनके साथ लंबे रिलेशनशिप के बाद आशा ने दोबारा शादी कर ली.
गायिका के साथ एक सफल व्यवसायी
आशा भोसले एक बेहतरीन सिंगर होने के साथ-साथ एक कमाल की कुक भी है. उन्हें खाना पकाना बहुत पसंद है. उनके हाथों के बने खाने के कई सिलेब्स दिवाने है जिसमें से एक ऋषि कपूर भी है. उन्हें आशा भोसले के हाथों का खाना बेहद पसंद है. शायद इसीलिए एक सफल गायिका के साथ वो सफल रेंस्ट्रो की भी मालकीन है जिसने उन्हें एक व्यवसायी की भी पहचान दे रखी है.
भारत के सर्वोच्च पुरस्कारों से सम्मानित
आशा भोसले ने अपनी आवाज से लोगो के दिलों को छुकर अपने करियर में 2 नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए. यही नहीं उन्हें 8 महाराष्ट्र फिल्म अवॉर्ड्स, 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स, लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, 7 बेस्ट फीमेल सिंगर फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी मिले है. इसके साथ उन्हें दो बार ग्रेमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था.
साल 2000 में उन्हें भारत के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2008 में भारत सरकार द्वारा देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. 2011 में आशा का नाम संगीत इतिहास में सबसे अधिक रिकॉर्ड किए गए कलाकार होने के लिए, खासकर सबसे अधिक सोलो स्टूडियो रिकॉर्डिंग के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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