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टैरिफ का पैसा डकारने की तैयारी में ट्रंप! वित्तमंत्री ने खुद बता दिया पूरा प्लान, जानें कैसे

Donald Trump US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर संकट गहराता दिख रहा है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सरकार को अरबों डॉलर लौटाने पड़ सकते हैं. जानिए भारत समेत 70 देशों पर लगे टैरिफ का पूरा मामला…

donald trump

Donald Trump US: दुनिया के 70 से ज्यादा देशों पर टैरिफ बढ़ाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई दिनों काफी से चर्चा में बने हुए हैं. लेकिन इसी बीच एक हैरान करने वाली बात सामने आई है कि ट्रंप सरकार को जल्द ही अरबों डॉलर वापस करना पड़ सकता है. हालांकि ये सब अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के पैसले पर निर्भर करता है.

सबसे जरूरी बात आपको बता दें अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने इस पूरे मामले खुलासा किया है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अदालत ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध ठहराया, तो सरकार को मोटी रकम बतौर रिफंड लौटानी पड़ सकती है.

अमेरिका के वित्त मंत्री ने बताया सरकार का प्लान

बेसेन्ट ने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने फेडरल कोर्ट का फैसला सही माना, तो हमें करीब आधा टैरिफ वापस करना होगा. यह राजकोष के लिए बेहद कठिन स्थिति होगी. हालांकि अगर अदालत ऐसा आदेश देती है तो हमें उसका पालन करना ही पड़ेगा.’

29 अगस्त को फेडरल कोर्ट ने ट्रंप के ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को राष्ट्रपति के अधिकार से बाहर बताया था. अदालत ने साफ कहा कि किसी भी राष्ट्रपति को इस स्तर पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है. इसका सीधा मतलब यह था कि ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया। अब सुप्रीम कोर्ट की मुहर इस फैसले को और भारी बना सकती है.

ट्रंप का टैरिफ हथियार पड़ा अब भारी

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान टैरिफ को एक प्रमुख हथियार बनाया था. उन्होंने 70 से ज्यादा देशों पर 10 से 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया. भारत भी इसमें शामिल रहा, जिस पर ट्रंप प्रशासन ने अतिरिक्त 25 प्रतिशत ड्यूटी थोप दी थी. ट्रंप ने बताया था की भारत पर रूस से तेल खरीदने की वजह से कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. इस कदम के चलते भारत पर कुल टैरिफ बोझ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया.

टैरिफ नीति को लेकर ट्रंप को दुनियाभर में आलोचना झेलनी पड़ी थी. भारत जैसे देशों ने इसे ‘अनुचित दबाव’ करार दिया. हालांकि अमेरिकी सरकार के लिए ये टैरिफ किसी वरदान से कम नहीं रहे. इनसे अब तक अरबों डॉलर का राजस्व इकट्ठा हुआ है. लेकिन अगर अदालतों ने इन्हें गैरकानूनी मानकर रिफंड का आदेश दे दिया, तो यह कमाई पलटते ही सरकार पर भारी आर्थिक संकट का रूप ले सकती है.

स्कॉट बेसेन्ट का कहना है कि सरकार इस स्थिति से बचने के लिए कानूनी रास्ते तलाश रही है. लेकिन इस पूरी बहस का एक बड़ा असर ट्रंप की ‘ट्रेड ताकत’ पर भी पड़ सकता है. टैरिफ के जरिये दबाव बनाने की उनकी रणनीति कमजोर पड़ जाएगी और अमेरिका की वैश्विक व्यापारिक पर भी सवाल उठ सकते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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