नेपाल (Nepal) में राजनीतिक हलचल और विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि मंगलवार दोपहर 2 बजे से देशभर के सभी हवाई अड्डों को बंद कर दिया गया. इसमें काठमांडू का त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट भी शामिल है. फिलहाल यह पाबंदी बुधवार दोपहर 12 बजे तक लागू रहेगी.
इस फैसले का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है. सैकड़ों लोग हवाई अड्डे पर फंसे हुए हैं क्योंकि मंगलवार दोपहर के बाद से न तो कोई विमान उतरा और न ही कोई उड़ान भर सका. एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था नेपाली सेना ने संभाल रखी है. हालांकि, हालात की समीक्षा के बाद ही तय होगा कि बुधवार दोपहर के बाद उड़ानें दोबारा शुरू की जाएंगी या नहीं.
यात्रियों और नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
अशांति के बीच नेपाल सरकार और सुरक्षाबलों ने लोगों को मदद पहुंचाने के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. अगर कहीं कोई असामाजिक गतिविधि दिखाई दे या मदद की जरूरत पड़े तो तुरंत सूचना देने की अपील की गई है. जो इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी की गई है उसमें नेपाल आर्मी 01-5979223, 01-5979224, पीएफ नेपाल 1114, नेपाल पुलिस 100, सुरक्षा/मेडिकल/फायरफाइटर्स 015979223 या 015979224 शामिल है.
भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
नेपाल (Nepal) में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वहां की यात्रा टालने की सलाह दी है. विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती भारतीय नागरिक नेपाल की यात्रा न करें.
वहीं, एयर इंडिया ने काठमांडू के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं. इससे उन भारतीय यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है जो पहले से ही नेपाल में फंसे हुए हैं या वहां जाने की योजना बना रहे थे.
विरोध प्रदर्शनों से बढ़ी तनावपूर्ण स्थिति
राजधानी काठमांडू समेत कई बड़े शहरों में मंगलवार से ही भारी विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. बड़ी संख्या में युवा और आम नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं. कई जगहों पर ये प्रदर्शन हिंसक हो गए जिसके चलते पुलिस और सुरक्षाबलों को हालात संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.
तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एक बड़ा झटका तब लगा जब प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे के बाद से ही देशभर में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है.
आगे क्या?
फिलहाल नेपाल (Nepal) में हालात सामान्य होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. एयरपोर्ट बंद होने और उड़ानें रद्द होने से जहां यात्रियों को परेशानी हो रही है वहीं देश के भीतर प्रदर्शन और राजनीतिक अस्थिरता लोगों की चिंता और बढ़ा रही है. बुधवार दोपहर तक एयरपोर्ट खोलने पर निर्णय लिया जाएगा लेकिन मौजूदा माहौल को देखते हुए राहत जल्दी मिलती हुई नहीं दिख रही.
नेपाल (Nepal) के लोग और वहां मौजूद यात्री दोनों ही इस वक्त सिर्फ यही उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द शांत हों और जिंदगी वापस पटरी पर लौटे.
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-भारत एक्सप्रेस
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